मोहाली। जमीन पर जबरन कब्जा करने के आरोपियों ने अदालत में नियमित जमानत याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। आरोपी हरमिंदर सिंह और वरिंदर सिंह रंगी ने अपने वकील के माध्यम से नियमित जमानत याचिका लगाई थी। दोनों के वकीलों ने अदालत में तर्क दिया कि आवेदकों को वर्तमान मामले में झूठा फंसाया गया है और अंतरिम जमानत की रियायत दिए जाने के बाद, वे जांच में शामिल हुए हैं और जांच में सहयोग किया है। आवेदकों को सलाखों के पीछे भेजने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा। आवेदकों से कोई वसूली नहीं की जानी है। दूसरी ओर जांच अधिकारी एएसआई सुखदेव सिंह ने अदालत को बताया कि आवेदक जांच में शामिल हो गए हैं और पूछताछ में उनकी हिरासत की आवश्यकता नहीं है। इस आशय के एएसआई सुखदेव सिंह का बयान भी अलग से दर्ज किया गया। अदालत ने दलील सुनने के बाद उसकी नियमित जमानत याचिका को मंजूर कर लिया।
अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार, बलविंदर सिंह के बयान पर एफआईआर दर्ज की गई थी जिसमें आरोप लगाया था कि वह निजी काम करता है। उसने 16 जनवरी 2023 के तहत गांव टोडर माजरा तहसील खरड़ में 9 कनाल 11 मरला जमीन खरीदी। बिक्री विलेख पंजीकृत होने के बाद, उन्होंने तहसीलदार खरड़ के कार्यालय में एक आवेदन पत्र देकर अपनी उपरोक्त भूमि का सीमांकन करवाया। उसने उक्त भूमि पर गेहूं की फसल बोई थी, जिसे अप्रैल महीने में काटा गया था। उन्होंने अपनी जमीन में सीमेंट के खंभे लगाए थे और इसमें एक कमरा भी बनाया था, जहां उन्होंने भैंसें रखी थी और उनका नौकर इसकी देखभाल करता था। उन्होंने वहां सीसीटीवी कैमरे भी लगाए थे। 26 अप्रैल को उसे अपने नौकर से पता चला कि कुछ व्यक्ति उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। जब शिकायतकर्ता ने अपने मोबाइल फोन पर सीसीटीवी कैमरों से एक्सेस लिया, तो उसने देखा कि जगदीप सिंह, हरमिंदर सिंह, वरिंदर सिंह और गोनी 5 अन्य लोगों के साथ उसकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने उसकी जमीन पर अपने खंभे लगाकर अवैध कब्जा करने की कोशिश की है। उसके पास पूरी घटना की सीसीटीवी फुटेज/वीडियो रिकॉर्डिंग थी, जिसे आधार बनाकर पुलिस ने मामला दर्ज किया था।