जीरकपुर। राजपुरा तहसील में कोरोना की दस्तक के बाद जीरकपुर सब-तहसील के अषटाम वेंडर, टाइपिस्ट, वकील और डीड राइटर्स ने एक हफ्ते के लिए काम बंद कर दिया है। काम बंद होने की वजह से रेवेन्यू विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा।
जानकारी के मुताबिक, सब-तहसील जीरकपुर के बाहर मौजूद अषटाम वेंडर, टाइपिस्ट, वकील और डीड राइटर्स ने 3 से 9 अगस्त तक अपने दफ्तरों को बंद करने का फैसला लिया है। बता दें कि अधिकतर लोगों को सरकारी दस्तावेज बनवाने के लिए उक्त लोगों पर निर्भर रहना पड़ता है। इनकी मदद से एफिडेविट, रेंट एग्रीमेंट, भार मुक्त सर्टिफिकेट के अलावा प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री आदि दस्तावेजों तैयार करवाते हैं। जहां लोगों को परेशानी होगी वहीं रेवेन्यू विभाग की आमदनी पर भी असर पड़ेगा।
प्रतिदिन 45 रजिस्ट्री करने की है अनुमति
जानकारी के अनुसार, जीरकपुर सब-तहसील में सोमवार से शुक्रवार तक सिविल कार्य किए जाते हैं। जबकि ज्यादा भार सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को होता है। मंगलवार और वीरवार को अन्य दिनों के मुकाबले रजिस्ट्री कम होती है। दूसरी ओर यहां काम बंद होने का असर रेवेन्यू विभाग के खजाने पर पड़ेगा, क्योंकि यहां पर प्रतिदिन 45 रजिस्ट्री करवाने की अनुमति है। अगर एक हफ्ता रजिस्ट्री न हुईं तो करोड़ों रुपये के राजस्व का घाटा हो सकता है।
ये है मामला
जानकारी के अनुसार, जीरकपुर सब-तहसील के बाहर स्थित टाइपिस्ट, डीड राइटर्स, वकील और अषटाम वेंडरों का अधिकतर काम राजपुरा तहसील के साथ जुड़ा हुआ है। अधिकतर लोग राजपुरा शहर से संबंधित है, जो अपना काम राजपुरा तहसील से करवाते हैं। दूसरी ओर, राजपुरा तहसील के अंदर एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद जीरकपुर सब-तहसील के बाहर दुकानदारों में दहशत का माहौल है। इसके चलते उन्होंने अगले एक हफ्ते तक सिविल कार्यों को बंद करने का फैसला किया है।