मोहाली। अब शहर में भूमिगत जल नीचे नहीं गिरेेगा। साथ ही गर्मियों में पानी की किल्लत नहीं होगी। कजौली वाटर वर्क्स से 20 एमजीडी पानी शहर को पहुंचाने के लिए नगर निगम ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। इसके लिए लाइन बिछाने का काम पहले ही पूरा हो चुका था। अब नए सेक्टरों में टैंक आदि बनाए जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा यह होगा कि ट्यूबवेलों पर निर्भरता पूरी तरह से कम हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक गत कई साल से मोहाली शहर में पानी की किल्लत रही है। गर्मियों में तो मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर 12 एमजीडी तक बढ़ जाता है। वर्तमान में, 32 एमजीडी की चरम मांग के मुकाबले, मोहाली को कजौली वाटर वर्क्स के पुराने चरणों से 10 एमजीडी पानी और 75 ट्यूबवेल से 10 एमजीडी पानी मिलता है। मई 2012 में, गमाडा ने 200 करोड़ रुपये की लागत से कजौली वाटर वर्क्स से मोहाली और चंडीगढ़ को अतिरिक्त पानी की आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाना शुरू किया था। इसमें से आधा खर्च चंडीगढ़ ने वहन किया था। परियोजना के तहत आपूर्ति किया जाने वाला 20 एमजीडी अतिरिक्त पानी खरड़ और मोरिंडा की जरूरतों को भी पूरा करेगा।