मोहाली। न्यू चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक जिस जमीन को उद्योग, टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और शिक्षा नगरी के लिए आरक्षित किया गया था, उसे अब रिहायशी जोन में बदलने की तैयारी है। यह फैसला कंसाला, करतारपुर और बूथगढ़ की पंचायतों और ग्रामीणों की मांग पर लिया गया है। कई बार इन गांवों के प्रतिनिधियों का कहना था कि मास्टर प्लान में शामिल जमीन उनके रहन-सहन और स्थानीय जरूरतों के अनुसार नहीं है।
वे अपने खेतों की जमीन पर घर बनाना चाहते हैं, जबकि मौजूदा प्लान उन्हें ऐसा करने से रोकता है। सरकार ने इन मांगों की जोनिंग बदलने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसे देखने के लिए आम जनता को आमंत्रित किया गया है। यह ड्राइंग और प्रस्तावित बदलाव की जानकारी www.puda.punjab.gov.in पर देखी जा सकती है। इसके अलावा यह दस्तावेज गमाडा कार्यालय, उपायुक्त कार्यालय और पुडा भवन में भी निरीक्षण के लिए रखे गए हैं। अगर किसी को इस प्रस्ताव पर आपत्ति है, तो 30 दिनों के भीतर अपनी आपत्ति लिखित रूप में वरिष्ठ नगर योजनाकार के कार्यालय में दे सकता है।