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Mohali News: मां की अंगुली थामकर मेला देखने जाते बच्चों के चेहरों पर थी मुस्कान

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मोहाली। मटौर गांव में मंगलवार को हुई इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। जिन तीन मासूम बच्चों ने शायद सुबह घर से यह सोचकर कदम बाहर रखा होगा कि मां उन्हें मेला दिखाने ले जा रही है, उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। 10 वर्षीय तपिश, छह वर्षीय तनवी और चार वर्षीय नितिन मां के साथ खुशी-खुशी घर से निकले थे। मासूम बच्चों के चेहरे पर मुस्कान थी, किसी को जरा भी अंदेशा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद उनकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो जाएगी। मासूमों ने यह सोचा भी ना होगा कि वह जिस मां की अंगुली को थामकर घर से निकले वह उन्हें मौत के करीब ले जा रही है। मासूमों के साथ नहर में छलांग लगाने पर चंद मिनटों में तीनों बच्चे मौत की गोद में समा गए। दो बच्चों के शव नहर से बरामद हुए, जबकि सबसे छोटे बेटे की तलाश में गोताखोर घंटों तक नहर की खाक छानते रहे।
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करीब 10 महीने पहले बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया था। पिता की मौत के बाद दादा-दादी और परिवार के अन्य सदस्य ही इन मासूमों का सहारा बने हुए थे। दादा रामबाबू व दादी दिहाड़ी कर परिवार को पाल रहे थे। जवान बेटे की मौत के बाद पिता के कंधों पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया। घर में बच्चों की किलकारियां फिर से लौटेंगी, इस उम्मीद में परिवार किसी तरह जिंदगी आगे बढ़ा रहा था, लेकिन मंगलवार की घटना ने परिवार की दुनिया ही उजाड़ दी।

गांव में पसरा मातम
दो बच्चों के शव मिलने की सूचना जैसे ही मटौर गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। बच्चों को जानने वाले पड़ोसी और रिश्तेदार परिवार के घर पहुंचने लगे। हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल था कि आखिर इन मासूमों का क्या कसूर था। गांव के लोगों का कहना है कि बच्चों को अक्सर गली में खेलते और हंसते-मुस्कुराते देखा जाता था। किसी ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनका अंत इतना दर्दनाक होगा। घर के बाहर पसरा सन्नाटा और परिजनों की चीखें हर आने वाले की आंखें नम कर रही थीं।
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काश मासूमों की जिंदगी बचाई जा सकती
फिलहाल सबसे छोटे बच्चे की तलाश जारी है। पूरा गांव इस उम्मीद में है कि तलाश जल्द पूरी हो, लेकिन इस हादसे ने कई ऐसे सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब शायद जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेंगे। वहीं, गांव के लोगों की जुबान पर सिर्फ एक बात है काश, इन मासूमों की जिंदगी बचाई जा सकती।
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