डिलीवरी बॉय ने ढूंढा
कृष्णा घर में ही बने अंडरग्राउंड वाटर टैंक में गिर गया, यह बात किसी को पता न थी। सभी अपने कयास लगा रहे थे लेकिन तभी वहां से गुजर रहे डिलीवरी बॉय ने लोगों की भीड़ देखी और कारण पूछा तो पता चला कि दो साल का बच्चा गुम हो गया है जिसे ढूंढा जा रहा है। उसने भी बच्चे को ढूंढने का प्रयास किया तो उसे घर में अंडरग्राउंड वाटर टैंक दिखाई दिया। उसने परिवार से पूछा कि क्या उन्होंने वाटर टैंक में बच्चे को ढूंढा तो परिवार ने कहा कि वह पानी निकाल चुके हैं लेकिन बच्चा नहीं मिला। इस पर उसने वाटर टैंक में डंडा डालकर हिलाया तो कुछ देर बाद कृष्णा की लाश ऊपर आ गई। उसे तुरंत बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पिता के पास नहीं था फोन, सात घंटे बाद पता चला नहीं रहा लाल
दो साल का मासूम कृष्णा एक छोटी सी लापरवाही से मौत की गोद में समा गया। वह अपने मां-बाप की इकलौती संतान थी। उसके भविष्य के लिए मां-बाप मजदूरी कर रहे थे लेकिन उसके बाप को पता न था कि घर लौटकर बेटे की लाश देखनी पड़ेगी। बेटे की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई लेकिन उसके पिता को बेटे की मौत की खबर नहीं मिल पाई क्योंकि घर में गरीबी का आलम है और कृष्णा के पिता नंद कुमार के पास फोन तक नहीं है।
बेटे की मौत होने का पता उन्हें सात घंटे बाद तब चला जब वह शाम को साढ़े पांच बजे मजदूरी कर घर लौटे। सामने बेटे की लाश पड़ी थी और कृष्णा की मां बेटे का मुंह देखकर फूट-फूट कर रो रही थी। नंदलाल लाश देखकर टूट गया और भगवान को कोसते हुए बोला कि अगर छोटी उम्र में बेटे को छीनना ही था तो जन्म ही क्यों दिया? परिवार व अन्य सदस्य उसे हौंसला दे रहे थे लेकिन मां-बाप के आंसू रुक नहीं रहे थे।
इस संबंध में कोई शिकायत पुलिस के पास नहीं आई है। बच्चा खेलते हुए पानी के टैंक में गिरा है। अभी पोस्टमार्टम भी नहीं किया गया है। उच्च अधिकारियों को मामले के बारे में सूचित कर दिया है और उनके निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। -ओम प्रकाश, जांच अधिकारी, थाना सोहाना।