गुलमोहर सिटी का चौकीदार पाठक चोरी की घटना बारे बताते हुए। साथ ही चोर की रह गई बैटरी बारे जानकारी द?
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मोहाली। खरड़ के नया शहर बडाला रोड पर स्थित गुलमोहर सिटी में मंगलवार-बुधवार की रात करीब दो बजे चोर दीवार फांदकर चौकीदार के घर में दाखिल हुए। वे घर से पांच मोबाइल और दस हजार रुपये की नकदी ले जाने में कामयाब रहे। आरोपी हड़बड़ाहट में अपनी टॉर्च ले जाना भूल गए। इस संबंधी पुलिस कंट्रोल रूम पर शिकायत दर्ज करवा दी है। हालांकि घटना करीब 14 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस की टीमों ने घटना स्थल का जायजा नहीं लिया। वहीं इस बारे में थाना सिटी खरड़ के एसएचओ सरबजीत सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि वह तुरंत टीम मौके पर भेज रहे हैं। इसके बाद देर शाम करीब पांच बजे पीसीआर टीम मौके पर पहुंची।
जानकारी के मुताबिक जिस जगह से चोरी हुई, वह घर नया शहर बडाला रोड पर गुलमोहर सिटी के बिल्कुल एंट्रेस पर स्थित है। पीड़ित चौकीदार नरिंदर पाठक ने बताया कि वह रात को परिवार के साथ घर पर ही थे। सारा परिवार रात को सो रहा थी। इसी बीच आरोपी दीवार फांदकर उनके घर में घुसे। साथ ही परिवार वालों द्वारा एक जगह रखे मोबाइल उठाकर ले गए। इसके अलावा उनके बैग में जोड़कर रखे पैसों में से 120 रुपये छोड़कर करीब दस हजार रुपये भी आरोपी ले गए हैं। सुबह जब उनकी भाभी ने टाइम देखने के लिए मोबाइल ढूंढा तो घर के सारे मोबाइल व अन्य चीजें गायब मिलीं। वारदात को देखने से लग रहा है कि किसी भेदी का काम है। उन्हें कुछ लोगों पर संदेह भी है।
मुंशी ने नहीं उठाया फोन, कंट्रोल रूम पूछता रहा हाल
जानकारी के मुताबिक सुबह चार बजे के करीब थाना सिटी खरड़ के मुंशी के सरकारी नंबर पर फोन पर किया गया। फोन पर घंटी बजती रही, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। वहीं 112 नंबर पुलिस हेल्पलाइन ने शिकायत सुनी। साथ ही आश्वासन दिया कि इस संबंधी खरड़ थाने की पुलिस को सूचित कर दिया गया है लेकिन इसके बाद भी शाम करीब पांच बजे पुलिस वाले आए। वहीं इस दौरान दिन में 112 हेल्पलाइन नंबर से लगातार कॉल आती रही।
लोगों ने एसएसपी से लगाई गश्त बढ़ाने की मांग
गुलमोहर सिटी के साथ कई अन्य सोसाइटियां लगती हैं जो आपस में जुड़ी हैं। अंदर से कई रास्ते अन्य सोसाइटियों में निकलते है। इलाके की सोसाइटियों के लोगों ने एसएसएपी से मांग की है कि इलाके में पीसीआर गश्त बढ़ाई जाई क्योंकि अभी उक्त सोसाटियां बस रही है और ऐसे में काफी संख्या में बाहरी लोग वहां रहने के लिए आ रहे हैं।
पिता की बरसी के लिए रखे थे पैसे
नरिंदर पाठक ने बताया कि सितंबर माह के पहले हफ्ते में उनके पिता की बरसी है। इसके लिए उन्हें गांव जाना था। ऐसे में उन्होंने पैसे इकट्ठे करके रखे थे। अब समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वह क्या करे।