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Mohali News: 12 किलोमीटर के एलिवेटेड ट्रैक पर दौड़ेगी 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन

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पंचकूला। चंडीमंदिर से बद्दी के बीच 2026 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ेगी। इस मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के लिए उत्तर रेलवे ने 12 किलोमीटर का एलिवेटेड ट्रैक के साथ ट्रैकों का ग्रेडिएंट (उतार-चढ़ाव) कम कर रहा है, ताकि ट्रेनों का रफ्तार बढ़ाया जा सके। इसकी शुरुआत चंडीमंदिर रेलवे स्टेशन से की गई है। यहां करीब 6 मीटर ऊंचा एलिवेटेड ब्रीज बनाया जा रहा है। अभी चंडीगढ़ से कालका के बीच (1 * 40) का ग्रेडिएंट (उतार-चढ़ाव) है। जिसके चलते रेलवे ने ट्रेनों की रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटा की रखी है। इसका ग्रेडिएंट कम (1 * 70) होते ही एलिवेटेड ट्रैक पर ट्रेनों की रफ्तार अचानक बढ़ जाएगी।
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चंडीमंदिर से बद्दी रेल मार्ग का 58 फीसदी काम पूरा
चंडीगढ़-बद्दी रेलवे लाइन का बद्दी क्षेत्र में 58 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। कार्य तेज गति से चल रहा है। अक्तूबर तक हिमाचल क्षेत्र में निर्माण कार्य पूरा करने का टारगेट रखा हुआ है। यहां हिमाचल क्षेत्र में 34.67 हेक्टेयर पर रेल लाइन बननी है। जिसका 50 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसमें बद्दी से संडोली के बीच में एक गुड्स प्लेटफार्म, तीन पेसेंजर प्लेटफार्म बन रहे हैं। यहां पर पैसेंजर प्लेटफार्म पर सात लाइन बिछेंगी। जिसमें एक वाशिंग लाइन व छह लूप लाइन होगी। इसमें एक मुख्य लाइन होगी। जिसे हमेशा खाली रखा जाएगा। यात्रियों को चढ़ाने व उतारने का कार्य लूप लाइनों पर होगा। वहीं चंडीमंदिर में 8 फीसदी कार्य पूरा हुआ है।

52 फीट ऊंचा बनाया रेल ट्रैक
1540 करोड़ की लागत से 32 किलोमीटर का प्रोजेक्ट 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। चंडीगढ़ से बद्दी तक निर्माणाधीन रेल ट्रैक को 52 फीट तक ऊंचा आधार (बेस) दिया जा रहा है। जब रेलगाड़ी यहां से गुजरेगी तो काफी दूर से दिखेगी। ट्रैक कुछ स्थानों पर न्यूनतम 25 फीट तक ऊंचा रखा गया है। बद्दी के हिस्से में एक किलोमीटर तक 52 फीट तक ऊंचा बेस बनाया जा रहा है। अब तक 15 से 20 फीट से ऊंचा बेस बनाकर तैयार कर दिया गया है। इस परियोजना के लिए हरियाणा और हिमाचल दोनों प्रदेशों की कुल 95 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की गई है। यह रेल लाइन हिमाचल और हरियाणा के नौ गांवों से होकर गुजरती हुई बद्दी तक पहुंचेगी। इनमें सराज माजरा, शीतलपुर, कल्याणपुर, चक-जंगी, लांडेवाल, केंदुवाल, बिलनवाली गुजरां, हरिपुर संधोली और संधोली के गांव शामिल हैं। यह मार्ग बद्दी, नालागढ़, बरोटीवाला, दाड़लाघाट के औद्योगिक क्लस्टर सीधे चंडीगढ़ से जुड़ेंगे। इसका ट्राइसिटी के आसपास के 42 से अधिक गांवों को लाभ मिलेगा। दरअसल चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन प्रोजेक्ट की घोषणा रेलवे ने वर्ष 2007 में की थी। इस प्रोजेक्ट का ज्यादातर हिस्सा 25 किलोमीटर हरियाणा के पंचकूला जिले में जबकि हिमाचल में सिर्फ 3.4 किलोमीटर पड़ता है।
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कोट
1540 करोड़ की लागत से 32 चंडीमंदिर-बद्दी रेल लाइन परियोजना पर काम चल रहा है। इस प्रोजेक्ट पर 2024 तक काम पूरा कर लिया जाएगा। - मनदीप सिंह भाटिया, डीआरएम रेलवे अंबाला मंडल।
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