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खंडहर हो चुका मुगलों के जमाने का किला अब बनेगा पर्यटन का गढ़

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गांव मनौली स्थित किला। - फोटो : MOHALI
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मोहाली। आईटी सिटी के साथ लगते गांव मनौली में स्थित खस्ताहाल चल रहा मुगलों के जमाने का किला अब पर्यटन का गढ़ बनेगा। राज्य सरकार ने किले की संवारने का फैसला लिया है। किले को उसके पुराने स्वरूप में संवारा जाएगा। इसके अलावा किले के अंदर ही लोगों की सुविधा के लिए कैफे व खाने पीने की सुविधा भी रहेगी। अगर सब कुछ सही रहा तो दिसंबर से इस दिशा में काम शुरू हो जाएगा। यह काम एक निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। कंपनी करीब 33 साल के लिए यह जिम्मा संभलोगी। सरकार को उम्मीद है कि चंडीगढ़ घूमने आने वाले सैलानियों के लिए एक नया स्थल रहेगा। इससे इलाके के लोगों को फायदा मिलेगा।
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जानकारी के मुताबिक, इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ही गांव मनौली स्थित है। गांव में यह किला स्थित है। काफी पुराना किला है, लेकिन देखभाल के अभाव में यह अपना अस्तित्व खो रहा है। हालांकि राज्य सरकार की तरफ इसे संवारने के लिए कई बार प्लान और पैसा भी जारी किया गया है, लेकिन इसका स्वरूप नहीं बदला। हालांकि यह किला अब पंजाब हैरिटेज एंड टूरिज्म प्रमोशन बोर्ड के अधीन आ गया था। वहां पर एक माली और एक अन्य मुलाजिम तैनात किया गया था। वहीं, किले को देखने के लिए आसपास के गांवों और इलाकों के लोग पहुंचते हैं।
इलाके के लोग कई बार इस चीज की मांग कर चुके हैं कि उक्त स्थान को संवारा जाना चाहिए। जबकि सरकार ने चप्पड़चिड़ी स्थित फतेह मीनार का जिम्मा और ऑनलाइन प्रमोशन जिम्मा एक प्राइवेट कंपनी को सौंप दिया है। जबकि न्यू चंडीगढ़ स्थित सिसवां डैम को सुखना लेक की तर्ज पर आकर्षक तरीके से संवारा गया। वहां पर वोटिंग से लेकर अन्य इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में सैलानियों के लिए सरकार नए प्वाइंट विकसित कर रही है ताकि रोजगार के मौके विकसित किए जा सकें। जिक्रयोग है मनौली चंडीगढ़ से लगभग 12 किमी दूर स्थित है। गांव किले का ऐतिहासिक महत्व है। ब्यूरो संवाद
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21 साल पहले शुरू हुई थी संवारने की कोशिश शुरू
राज्य सरकार ने इसे 2001 में संरक्षित स्मारक घोषित किया था। 2009 में किला सांस्कृतिक मामलों के निदेशालय पुरातत्व और अभिलेखागार संग्रहालय पंजाब के अधीन आया गया था। हालांकि, देखभाल की कमी के कारण किले के परिसर के अंदर बरगद, ताड़ और नीम के पेड़ उग आए हैं। इसके अलावा एक सूखा टूटा हुआ फव्वारा कचरे के ढेर में बदल गया है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने किले का रखरखाव किया था और इसके अंदर चलने वाले क्षेत्र की मरम्मत भी की थी। हालांकि जानकारों की मानें तो एक करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन उम्मीद है कि इसकी सूरत बदलेगी।
काम हासिल करने वाले कंपनी हो देनी होगी परीक्षा
मनौली स्थित किले का विकास, संभाल, रीस्ट्रोशन, अपग्रेडशन का जिम्मा हासिल करने वाले लोगों को कड़ी परीक्षा देनी होगी। विभाग की तरफ से इस संबंधी कड़े नियम तय किए गए हैं। दस साल से इस लाइन में काम करने वाली कंपनी आवदेन कर पाएगी। कंपनी का सारा रिकॉर्ड चेक किया जाएगा। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई होगी।
अब मोहाली में हो जाएंगे चार पर्यटन स्थल
मोहाली जिले में पहले उत्तरी भारत की सबसे बड़ी छत्तबीड़ जू ही पर्यटन स्थल था। ऐसे में बाहर से आने वाले सैलानी चंडीगढ़ के पर्यटनीय स्थलों का आनंद उठाते थे। फिर छतबीड़ जू आते थे, लेकिन अब सैलानी छत्तबीड़ जू घूमने के बाद सीधे एयरपोर्ट रोड से होते मनौली का किला और फिर एयरपोर्ट रोड या खरड़ लांडरां रोड से चप्पड़चिड़ी पहुंचकर फतेह मीनार और इसके बाद आगे जाकर न्यू चंडीगढ़ स्थित सिसवां डैम देख पाएंगे। न्यू चंडीगढ़ के लिए खरड़ से नया रोड बन गया। इलाके में लोगों ने अपने स्तर पर कई निजी पिकनिक स्पॉट विकसित कर लिए हैं। इससे इलाके के लोगों का फायदा होगा।
बर्डे़ पर्दे व प्री वेडिंग शूट में भी जलवा
मोहाली शहर के इन पर्यटनीय स्थलों, पार्कों और इमारतों का बडे़ पर्दे पर भी जलवा है। इसके अलावा कई प्री वेडिंग शूट तक इनमें होते हैं। शहर में भारत पाक रिश्तों के लिए प्रसिद्घ नेचर पार्क, मोहाली बस स्टैंड, एयरपोर्ट रोड व सिटी पार्क शामिल हैं। लांडरां सरहिंद रोड व न्यू चंडीगढ़ में कई कई लोकेशन हैं। जहां पर कई फिल्मों की शूटिंग तक हो चुकी है। इसके अलावा निजी साइटों पर लोग पैसे देकर फोटो शूट तक करवाते हैं।
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