बरवाला। बाढ़ से खराब हुई फसलों का मुआवजा समेत अन्य मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने आ रहे फतेहाबाद के किसानों को पुलिस ने अंबाला-पंचकूला सीमा पर तीन जगह नाका लगाकर रोक दिया। सोमवार को पगड़ी संभाल जट्टा संघर्ष समिति हरियाणा पक्का मोर्चा फतेहाबाद के बैनर तले किसान विधानसभा का घेराव करने आ रहे थे। पंचकूला पुलिस ने अंबाला सीमा पर बरवाला के नजदीक वाया रायवाली अंबाला मार्ग पर स्थित टोडा गांव के नजदीक, मौली छज्जू माजरा मार्ग पर स्थित गांव जासपुर के नजदीक और राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर स्थित बागवाली के नजदीक सुबह छह बजे ही बैरिकेड लगा दिया था। इसके बाद विभिन्न वाहनों से पहुंचे अंबाला-पंचकूला सीमा पर पहुंचे भारी संख्या में किसानों ने पंचकूला में प्रवेश नहीं करने दिया। किसान नाका पार करने की कोशिश करते रहे, लेकिन उनको सफलता नहीं मिली। किसानों का कहना था कि बाढ़ से प्रभावित इलाकों में 50,000 रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों ने दोबारा धान लगाई है, उनको 35000 पर प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए। खराब ट्यूबवेलों और मकानों का उचित मुआवजा दिया जाए। जिन किसानों को पशु धन का नुकसान हुआ है उनका भी उचित मुआवजा दिया जाए। कपास की फसल में गुलाबी सुंडी से हुए नुकसान की भरपाई की जाए, बाढ़ से जिन किसानों की जमीन पानी में बह गई है, उन्हें विशेष जमीन में मिट्टी डालने के लिए मुआवजा अलग से दिया जाए। हरियाणा में बढ़ रहे अपराध नशाखोरी व भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। नाकाबंदी के दौरान डीसीपी क्राइम अरविंद कंबोज, डीसीपी ट्रैफिक मुकेश मल्होत्रा, डीएसपी नारायणगढ़ अर्शदीप, एसएचओ चंडीमंदिर ललित कुमार, एसएचओ रायपुररानी सुखबीर सिंह, मौली पुलिस चौकी इंचार्ज मनदीप ढांडा, बरवाला पुलिस चौकी इंचार्ज गुलाब सिंह सहित गुप्तचर विभाग के अधिकारी कर्मचारी व भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।