जीरकपुर। शहर में भिखारियों की संख्या दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। शहर के सभी लाइट पॉइंट, मार्केट, शहर को अंदरूनी गलियों आदि में भीख मांगने वाली महिलाओं और बच्चों से लोग बेहद परेशान है। पटियाला लाइट पॉइंट पर तो जैसे ही लालबत्ती होती है दर्जनों महिलाएं और बच्चे गाड़ियों के पास आकर खड़े हो जाते हैं जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
पंजाब सरकार के आदेशों पर जिला प्रशासन ने पिछले महीने मुहिम चलाई थी जिस दौरान भीख मांगने वाले कुछ बच्चों को रेस्क्यू भी किया था। उस समय क्षेत्र में भीख मांगने वालों से लोगों को काफी राहत मिली थी। इसकेे अलावा समय-समय पर प्रशासन द्वारा जीरकपुर में टीम आती रही है लेकिन भिखारी इतने शातिर हो गए हैं कि उन्हें टीम के सदस्यों की पहचान होने के कारण टीम को देखते ही इधर-उधर छुप जाते हैं।
जयपाल, रवि चंदेल, तेजिंद्र सिंह, पंकज कुमार, जीएस संधु व अन्य ने बताया के भीख मांगने वाले बच्चे भीख न मिलने पर किसी नुकीली चीज से गाड़ियों पर स्क्रैच भी डाल देते हैं, जिसका पता मलिक को घर जाकर चलता है। जैसे ही शाम ढलती है तो लोग कहां गायब हो जाते हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं होती। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर प्रशासन जीरकपुर को भिखारी मुक्त शहर बनाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए एवं बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
बच्चों को रेस्क्यू करने की कार्रवाई जारी रहेगी
हमने पिछले समय में पूरे जिले से 29 बच्चों को रेस्क्यू किया है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी। जितने भी बच्चों को रेस्क्यू किया है, उन सब के दस्तावेज उनके मां-बाप द्वारा दिखाए जा चुके हैं और सही पाए गए हैं। किसी का भी डीएनए टेस्ट करवाने की जरूरत नहीं पड़ी है। - नवप्रीत कौर, जिला बाल कल्याण अधिकारी।