खरड़। नगर परिषद की नई वार्डबंदी का नक्शा अब तक सार्वजनिक न करने पर मौजूदा पार्षदों के साथ-साथ नए दावेदारों में भी अनिश्चितता और रोष का माहौल बना है। इस समय खरड़ नगर परिषद में कुल 27 वार्ड हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान खरड़ नगर परिषद क्षेत्र की आबादी का सर्वे किया गया था। इसकी जनसंख्या करीब दो लाख के आसपास आंकी गई। इसी के आधार पर उम्मीद जताई जा रही थी कि वार्डों की संख्या बढ़ाकर करीब 40 की जा सकती है। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि वार्डों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही और 27 वार्ड ही यथावत रखे जाएंगे।जानकारी के मुताबिक मौजूदा वार्डों में बड़े स्तर पर फेरबदल किया गया है। प्रत्येक वार्ड में मतदाताओं की संख्या करीब सात हजार तय की गई है। बावजूद इसके, नई वार्डबंदी का नक्शा अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। हालात यह हैं कि रोजाना मौजूदा पार्षद और संभावित उम्मीदवार नगर परिषद कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही। नियमों के अनुसार, वार्डबंदी का नक्शा सार्वजनिक कर लोगों से इस पर आपत्तियां भी आमंत्रित की जानी हैं। जब प्रदेश के अन्य कई शहरों में वार्डबंदी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तब खरड़ में अब तक नक्शा जारी न होने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। वहीं, जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो जाने के कारण यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या अब वार्डों की हदबंदी में बदलाव संभव हो पाएगा या नहीं। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान और पूर्व पार्षद कमल किशोर शर्मा ने नक्शा सार्वजनिक न किए जाने की कड़ी निंदा की है। वहीं, खरड़ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुखदेव सिंह ने बताया कि वार्डबंदी से संबंधित कोई भी मामला परिषद स्तर पर लंबित नहीं है और पूरा प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है।