मोहाली। जिला बहुजन समाज पार्टी ने मनरेगा कानून तोड़कर नया कानून बनाने के विरोध में शुक्रवार को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना दिया। धरने के बाद नेताओं ने डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र सौंपा। इसमें इस कानून को वापस लेने की मांग की गई। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान हरकादास धालीवाल ने की, जबकि विशेष रूप से पार्टी की पंजाब इकाई के जनरल सेक्रेटरी ठेकेदार हरभजन सिंह बजहेड़ी ने भाग लिया। बजहेड़ी ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार गरीबों, दलितों और मजदूरों की रोजी-रोटी छीनने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि मनरेगा कानून में बदलाव कर मजदूरों का रोजगार खत्म किया जा रहा है। केंद्र व राज्य सरकारें लगातार मजदूर विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। उन्होंने मांग की कि मनरेगा योजना को पहले की तरह बरकरार रखा जाए और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरों को 300 दिन का रोजगार दिया जाए। मांग पत्र में मजदूरों को सरकारी कर्मचारियों जैसी सुविधाएं देने, बेरोजगारी भत्ता लागू करने, प्रतिदिन केवल आठ घंटे काम लेने, शहरी क्षेत्रों से सटे इलाकों को भी रोजगार गारंटी योजना में शामिल करने और दिहाड़ी मजदूरी 346 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 700 रुपये प्रतिदिन करने की मांग की गई। साथ ही मनरेगा मजदूरों के बकाया भुगतान तुरंत जारी करने की भी मांग की गई।