जीरकपुर। नाभा पभात रोड पर स्थित कूड़ा डंपिंग पॉइंट में अब प्लास्टिक कचरे का चूरा बनाने वाली मशीन लगाई जा चुकी है। यहां प्लास्टिक कचरे को साफ करके सुखाने की मशीन भी लग चुकी है। इस डंपिंग पॉइंट पर करीब 15 टन कचरा प्रतिदिन पहुंच रहा है। वहां इसकी छंटाई होती है। प्लास्टिक और कपड़े का कचरा अलग निकाला जाता है।
जो कचरा बचता है उसकी खाद बनाने के लिए यहां पर बहुत सी पिट बनी है। इसमें कूड़े को खाद में तब्दील किया जाता है। यहां पर सबसे बड़ी समस्या प्लास्टिक कचरे के निस्तारण की थी, जो कि अब हल हो जाएगी। यहां पर लगाई गई दोनों मशीनों में से एक मशीन में पहला प्लास्टिक का कचरा डालकर उसे साफ किया जाएगा। इसके बाद कचरा दूसरी मशीन में डालकर उसे क्रश किया जाएगा। जब यह सारा कचरा छोटे-छोटे टुकड़ों में तब्दील हो जाएगा तो उसे अलग-अलग कंपनियों को भेज दिया जाएगा। इन मशीनों के लिए बिजली के ज्यादा लोड की जरूरत पड़ती है। यहां पर लगे ट्रांसफार्मर का लोड बढ़ाने के लिए नगर परिषद ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
नाभा प्रभात रोड पर स्थित डंपिंग पॉइंट में प्लास्टिक कचरा निस्तारण के लिए मशीन आ चुकी है। यहां पर 20 केवीए का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है जिससे यह मशीन नहीं चलाई जा सकती। हमने बिजली विभाग के साथ संपर्क करके यहां पर 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाने के लिए कहा है। जैसे ही बिजली विभाग यहां पर 100 केवीए का ट्रांसफार्मर लगाएगा उसके तुरंत बाद यहां पर लगी सारी मशीनें चलाई जाएंगी। इससे प्लास्टिक कचरा का निस्तारण का काम तेजी से होगा। यह प्लास्टिक के कचरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में तब्दील करेगा। - रंजीत कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद जीरकपुर।