मोहाली। शहर के औद्योगिक और रिहायशी सेक्टरों से निकलने वाला कूड़ा खुले में फेंककर जलाया जा रहा है। इससे शहर की हवा जहरीली होती जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग आंखें बंद कर बैठा है। नगर निगम की इस लापरवाही ने वायु प्रदूषण बढ़ा दिया है। लोगों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने नगर निगम पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया है। फायर ब्रिगेड को आग बुझाने के लिए कहा गया था। नगर निगम ने शहर में फैले कूड़े की समस्या का समाधान निकालने के लिए ऐसा तरीका अख्तियार किया है। आरएमसी प्वाॅइंट से कूड़ा उठाने के बाद उसे निस्तारण प्लांट भेजने की जगह एयरपोर्ट रोड और शहीद ऊधम सिंह कॉलोनी के पास खुले मैदान में फेंक दिया जाता है। इतना ही नहीं, इस कचरे के ढेर पर आग भी लगा दी जाती है ताकि कूड़ा दिखाई न दे और शिकायतें कम हों।
स्थानीय उद्योगपतियों नरेश धीमान, अश्वनी अरोड़ा, अशोक झा, सेक्टर-74ए निवासी संजीव मिश्रा और काॅलोनी निवासी कृपा शंकर समेत अन्य निवासियों का कहना है कि रोजाना उठने वाला जहरीला धुआं इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8बी और अन्य इलाकों में फैलकर लोगों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और खांसी की समस्या दे रहा है। व्यापारियों का आरोप है कि नगर निगम शहर को साफ करने के नाम पर बीमारियों का अड्डा खड़ा कर रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक और अन्य अवशेषों को जलाने से कार्बन मोनोऑक्साइड, पीएम 2.5 कण और अन्य विषैले रसायन हवा में घुलते हैं, जो बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों के लिए बेहद खतरनाक सिद्ध होते हैं।
एनजीटी के आदेश भी हो रहे नजरअंदाज
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अनुसार खुले में कूड़ा जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित किया है। इसके लिए भारी जुर्माने का प्रावधान है। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रशासन को इन घटनाओं की निगरानी कर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। मामले में डीसी कोमल मित्तल का कहना है कि यह गंभीर मामला है। इसे तुरंत नगर निगम से चेक करवाया जाएगा। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के क्षेत्रीय दफ्तर मोहाली के एक्सईएन नवतेश सिंगला ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में एक सप्ताह पहले आया है।