मोहाली। एरोसिटी के बड़ी गांव को जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों बदहाली की मिसाल बन चुकी है। न स्ट्रीट लाइट, न समतल सड़क सिर्फ गड्ढे, पानी और अंधेरा। 200 मीटर के इस रास्ते पर 50-60 छोटे-बड़े गड्ढे हैं, जो बारिश के दिनों में पानी से भर जाते हैं। स्थानीय निवासी कहते हैं कि यह सड़क लोगों के लिए मुसीबत से ज्यादा जानलेवा खतरा बन चुकी है। मजदूरों की बस्ती होने के कारण रात के समय इस सड़क पर चलना और भी जोखिम भरा हो जाता है। राहगीरों का कहना है कि सुनसान और अंधेरे में कोई भी घटना घट सकती है। दीपक मोहाली सिटी सेंटर स्थित एक निजी कंपनी में काम करते हैं। रोजाना रात 1 बजे के आसपास ड्यूटी से लौटते हैं। वे बताते हैं कि रात में पैदल आना पड़ता है। अंधेरे में डर लगता है, अगर कोई घात लगाकर बैठा हो तो पता भी नहीं चलेगा। बिना स्ट्रीट लाइट के यहां से गुजरना मुश्किल है। रितिका कुमारी जो स्कूटी से काम पर जाती हैं, ने बताया कि रात में गड्ढों के कारण कई बार उनकी स्कूटी फिसल चुकी है। एक बार हेड लाइट खराब हो गई थी, तब फोन की टॉर्च जलाकर घर पहुंची। उनका कहना है कि गड्ढों और पानी भरे होने की वजह से स्कूटी की हालत भी खराब हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत और स्ट्रीट लाइट की स्थापना की मांग वे कई बार कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि अगर जल्द ही व्यवस्था नहीं की गई तो यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है। जब इस मुद्दे पर गांव के सरपंच गुरप्रताप सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि सड़क की मरम्मत का काम इतनी जल्दी नहीं हो सकता, इसमें समय लगेगा।