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Mohali News: सरकार और नर्सों के बीच बनीं सहमति, एस्मा हटा, सेवाएं बहाल

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मोहाली/चंडीगढ़। यूनाइटेड नर्सेज एसोसिएशन ऑफ पंजाब और शहीद भगत सिंह नर्सिंग यूनियन का आंदोलन शुक्रवार को आठवें दिन समाप्त हो गया है। सरकार और नर्सों के बीच सहमति बनने से अब यह आंदोलन प्रतीकात्मक जारी रहेगा। नर्सिंग स्टाफ ने मरीजों की सेवा बाधित न होने देने के लिए अपनी ड्यूटी फिर से शुरू कर दी है। शुक्रवार को सिविल सचिवालय चंडीगढ़ में दोपहर-3 बजे से शाम 6.30 बजे तक तीन घंटे से अधिक समय तक बैठक चली। इस बैठक में मोहाली, पटियाला और अमृतसर की नर्सिंग एसोसिएशनों से कुल 8 प्रतिनिधि शामिल हुए। दूसरी ओर से डीआरएमई और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में नर्सिंग कर्मियों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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सरकार का आश्वासन, ग्रेड-पे पर करेंगे विचार

बैठक में यूनियन को भरोसा दिया गया कि ग्रेड पे 4600 की मांग पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। बताया गया कि इस मुद्दे पर कई प्रस्ताव पहले ही वित्त विभाग को भेजे जा चुके हैं, जबकि अतिरिक्त प्रस्ताव भी जल्द भेजे जाएंगे। साथ ही यह भी तय हुआ कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्त विभागों के प्रमुख सचिवों की संयुक्त बैठक होगी। इस बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों से राय लेकर अंतिम निर्णय किया जाएगा। नर्सिंग यूनियनों के दबाव के आगे सरकार को झुकना पड़ा और नर्सिंग स्टाफ पर लगाया गया एस्मा एक्ट पंजाब सरकार ने तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सरकारी आश्वासनों के बाद यूनियन ने सभी सेवाएं बहाल कर दीं। इस बीच भूख हड़ताल पर पटियाला मेडिकल कॉलेज में बैठे अंकुर ने भी अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक ग्रेड पे 4600 संबंधी नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, तब तक वह इमारत की छत पर शांतिपूर्ण धरना जारी रखेंगे।



यूनियन का स्पष्ट संदेश

एम्स मोहाली नर्सिंग एसोसिएशन ज्योति शर्मा ने साफ कहा है कि 2800 ग्रेड पे नर्सिंग कर्मचारियों के साथ अन्याय है और इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। नर्सिंग संगठनों ने दोहराया कि ग्रेड पे 4600 हमारी इज्जत और हकदारी का सवाल है, इस पर कोई समझौता नहीं होगा। अगर सरकार अपने वादे से पीछे हटती है या निर्णय में देरी करती है, तो आंदोलन का अगला चरण और उग्र होगा।
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