खरड़। जिले के अधिकतर शहरों में जहां कांग्रेस ने भारी बहुमत से नगर परिषद के चुनाव जीते हैं, वहीं खरड़ में 27 में से 8 सीटों पर अकाली दल ने विजय हासिल कर कांग्रेस की प्रधान पद के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस जहां 10 सीटों पर विजयी रही है, वहीं 8 सीटें आजाद उम्मीदवारों को और एक सीट आम आदमी पार्टी को मिली है। चुनाव से पहले जहां कांग्रेस का बोलबाला था, वहीं कांग्रेस के कई उम्मीदवार तीत नहीं सके। कांग्रेस के शहरी प्रधान यशपाल बंसल की पत्नी सीमा बंसल को शिअद की जसप्रीत कौर ने हरा दिया।
ब्लॉक प्रधान गुरिंदरजीत सिंह गिल लाडी को आजाद उम्मीदवार जसबीर सिंह जौनी ने वार्ड-26 में हराया। नगर परिषद की पूर्व प्रधान अंजू चंद्र और उनके पति जसबीर चंद्र को कांग्रेस से टिकट नहीं मिला। पंजाब के कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई सुखवंत सिंह भी आप के राम सरूप शर्मा से मात्र 12 वोटों से हारे। कांग्रेस के इन पांच दिग्गजों के हारने से कांग्रेस का आसानी से प्रधान चुनने का समीकरण बिगड़ गया है। अब पूरा दारोमदार आजाद उम्मीदवार पर निर्भर है। इन्हें अपने पाले में लाने के लिए पार्टियों की भागदौड़ शुरू हो गई।
शुक्रवार को जीते हुए उम्मीदवारों से मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने मुलाकात की। जबकि दोपहर बाद पूर्व मंत्री जगमोहन सिंह कंग ने विजेता उम्मीदवारों के साथ बैठक कर रूपरेखा पर चर्चा की। शिअद के हलका इंचार्ज रणजीत सिंह गिल ने भी विजेता उम्मीदवारोें से संपर्क साधना शुरू कर दिया है। वहीं, नया प्रधान चुनने के लिए 15 पार्षदों का होना जरूरी है। जो भी अन्य पार्टी के विजेता उम्मीदवार शिअद के खेमे में शामिल होंगे तो शिअद का नगर परिषद पर कब्जा हो जाएगा।