मोहाली। सफाई विभाग के सुपरवाइजर सुरिंदर की हालिया गतिविधियों ने विभाग में हलचल पैदा कर दी है। विजिलेंस जांच में बुलाए जाने के 10 दिन पहले उसे पद से हटा दिया गया था। इसके बाद भी वह सफाई करने लगा था। अब एक बार फिर से उसने सफाई का काम बंद करके हाजिरी लगानी शुरू कर दी है। इसका सीधा मतलब है कि उसे सुपरवाइजरी फिर से मिल गई है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ गया है और यूनियन ने इस पर विरोध जताया है।
सफाई सेवक मजदूर यूनियन ने स्पष्ट किया है कि विजिलेंस जांच पूरी होने तक किसी भी सुपरवाइजर को जिम्मेदारी देना अनुचित है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने सुरिंदर को फिर से काम पर लगाया तो कर्मचारी उग्र आंदोलन कर सकते हैं। यूनियन का कहना है कि जांच में शामिल मामलों में सुपरवाइजर की भूमिका स्पष्ट होने तक किसी भी जिम्मेदारी से हटाना जरूरी है। यूनियन ने इस संबंध में मीटिंग भी की और निगम के आयुक्त परमिंदरपाल सिंह को मांगपत्र सौंपा।
हालांकि आयुक्त कार्यालय में उपस्थित नहीं थे, इसलिए यह पत्र उनके स्टाफ के माध्यम से उन्हें भेजा गया। इससे साफ है कि कर्मचारी और यूनियन प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। विभाग के कुछ अधिकारी इसे केवल प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहे हैं, जैसे कि हाजिरी लगाना सिर्फ रिकॉर्ड का हिस्सा है, लेकिन यूनियन इसे जांच के आदेश का उल्लंघन मान रही है। कर्मचारियों में बढ़ते असंतोष के बीच यूनियन लगातार विभाग से जवाबदेही और स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग कर रही है। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन स्थिति को किस तरह नियंत्रित करता है और क्या सुरिंदर को जांच पूरी होने तक काम से रोका जाएगा।
यूनियन की मांग और निगम से प्रतिक्रिया
सफाई सेवक मजदूर यूनियन ने मांग कर कहा है कि जांच पूरी होने तक उसे सुपरवाइजर की जिम्मेदारी न दी जाए। यूनियन का यह भी कहना है कि जब सभी सफाईकर्मी भर्ती किए गए हैं तो उसे सुपरवाइजर क्यों लगाया गया है। कर्मचारियों में असंतोष बढ़ने के कारण यूनियन लगातार जवाबदेही और स्पष्ट निर्देश जारी करने की मांग कर रही है। इस स्थिति ने सफाई विभाग में तनाव और विरोध को और बढ़ा दिया है।
सुरिंदर कुमार को सुपरवाइजर से हटा दिया गया है। उससे रजिस्टर ले लिए गए हैं। अब वह सफाईकर्मी ही है। -जगरूप सिंह, सेनेटरी इंस्पेक्टर