मोहाली। पंजाब के सरकारी स्कूल अब देश ही नहीं विदेश के शिक्षा विशेषज्ञों का भी ध्यान खींच रहे हैं। शुक्रवार को फिनलैंड से आए तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी स्कूलों का दौरा किया और पंजाब सरकार के शिक्षा सुधार मॉडल की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पंजाब के सरकारी स्कूल अब किसी भी विकसित देश के स्कूलों की तरह आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं।
फिनलैंड के शिक्षाविद पाउला सैंटानन, रिक्का टोइवोनेन और हाना हीकीला जब सरकारी स्कूल ऑफ एमिनेंस फेज-11 पहुंचे तो वहां का माहौल देखकर वे प्रभावित हुए। उन्होंने कक्षाओं में विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अंग्रेजी बोलने के कौशल और इंटरएक्टिव डिजिटल बोर्ड से सजी तकनीक-आधारित शिक्षा प्रणाली को देखकर कहा कि यह देखकर हैरानी होती है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा इतनी आधुनिक हो चुकी है।दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने माता-पिता-शिक्षक बैठक में भी भाग लिया। वहां उन्होंने माता-पिता से बातचीत कर जाना कि अब सरकारी स्कूलों में पारदर्शिता और समुदाय की भागीदारी कितनी बढ़ गई है।
राजविंदर कौर और सोनिया संधू जैसी अभिभावकों ने बताया कि उन्होंने अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया है, क्योंकि अब उन्हें यहां बेहतर शिक्षा और माहौल मिल रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल की रसोई में जाकर मिड-डे मील का स्वाद चखा और कहा कि पंजाब सरकार का यह प्रयास बच्चों की सेहत और शिक्षा दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहा है। उन्होंने इसे शिक्षा के साथ पोषण और स्वास्थ्य को जोड़ने का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। प्रतिनिधिमंडल ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल गोबिंदगढ़ का भी दौरा किया। वहां होटल मैनेजमेंट ट्रेड के विद्यार्थियों ने उनको लंच परोसा। यह कार्यक्रम नेशनल स्किल प्रोग्राम के तहत चलाया जा रहा है।
पंजाब-फिनलैंड शिक्षा सहयोग का अगला चरण
जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) डॉ. गिन्नी दुग्गल ने बताया कि फिनलैंड के साथ पंजाब का शिक्षा सहयोग निरंतर बढ़ रहा है। यह साझेदारी सिर्फ अनुभव साझा करने तक सीमित नहीं, बल्कि शिक्षक प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम विकास में भी सहयोग करेगी। नवंबर में पंजाब के शिक्षकों का एक और दल फिनलैंड जाएगा, ताकि वहां की उन्नत शिक्षा प्रणाली से सीख लेकर पंजाब में लागू किया जा सके।