जीरकपुर। नगर काउंसिल के सफाई कर्मियों और सीवरमैन के पद पर करने वाले कच्चे कर्मचारियों की ओर से पक्का करने की मांग को लेकर हड़ताल दूसरे दिन में प्रवेश कर गई। शहर में कूड़ा न उठने से कूड़े के अंबार लग गए हैं।
लोगों का कहना है कि यदि कूड़ा जल्दी नहीं उठाया गया तो बीमारियों के फैलने के खतरा बढ़ सकता है। वहीं, सफाई कर्मियों ने मंगलवार को दूसरे दिन की हड़ताल में धरने को तेज करते हुए नगर काउंसिल के गेट को करीब 2 घंटे ताला लगाकर बंद कर दिया गया किसी को अंदर नहीं जाने दिया। वहीं, जब नगर काउंसिल के ईओ दफ्तर के गेट पर पहुंचे तो धरने पर बैठे कर्मचारियों ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। ईओ और कर्मचारियों की आधे घंटे की बहस के बाद ईओ जीरकपुर को अंदर जाने दिया और दफ्तर का मेन गेट खोला गया। सफाई कर्मचारियों के यह धरना दफ्तर की छुट्टी होने तक चालू रहा।
कूड़ा उठाने आई जेसीबी को रोका
लोगों की मांग पर दोपहर के बाद जैसे ही नगर काउंसिल अधिकारियों द्वारा कूड़ा उठाने के लिए जेसीबी भेजी तो धरने पर बैठे कर्मचारियों की इसकी सूचना मिलते ही उन्होंने जेसीबी को काम करने से रोक दिया। सफाई कर्मियों का कहना है कि यदि वह हड़ताल पर होंगे और पीछे से काम होता रहेगा तो उनकी हड़ताल का क्या फायदा। उन्होंने काउंसिल अधिकारियों के खिलाफ रोष जाहिर करते हुए कहा कि हड़ताल के दौरन कोई भी उनका काम नहीं करेगा। यदि अधिकारियों ने कोई चालाकी की तो इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा।
पक्का करने की जारी नहीं की अधिसूचना
मुख्यमंत्री चरनजीत सिंह चन्नी की ओर से कच्चे मुलाजिमों को पक्के करने का एलान तो किया गया, लेकिन अभी तक कार्रवाई न करते हुए कोई भी अधिसूचना जारी नहीं की। वहीं, कर्मचारियों की मांग पर नगर काउंसिल के ईओ और प्रधान द्वारा मुलाजिमों को पक्के करने का मता डालकर निकाय विभाग के पास भेज दिया गया है। इसके बाद भी अभी तक कार्रवाई न होने के चलते गुस्साए नगर काउंसिल जीरकपुर के कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान प्रदीप सूद दफ्तरी प्रधान रविंदरपाल सिंह ने बताया कि जब तक ठेकेदारी प्रथा को खत्म कर बिना शर्तों के उनके मुलाजिमों को पक्का नहीं किया जाता तब तक वह हड़ताल पर रहेंगे और सॉलिड वेस्ट को मैनेज खुद अधिकारी अपने आप करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाते तब तक वह हड़ताल पर रहेंगे।
कोट्स
मुलाजिमों की जायज मांगों को मान लिया गया है। रही बात उनको पक्का करने की तो हाउस में प्रस्ताव देकर निकाय विभाग के उच्च अधिकारियों को मंजूरी के लिए भेज दिया गया है। -गिरीश वर्मा, कार्यकारी अधिकारी, नगर काउंसिल जीरकपुर