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Mohali News: नर्सों के हवाले सीएचसी, गायनी की केवल कुर्सी

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जीरकपुर। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के दावों के बीच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढकोली की वास्तविक स्थिति चिंताजनक है। सीएचसी में एक साल से गायनी विशेषज्ञ (स्त्री रोग विशेषज्ञ) का पद खाली है। इस कारण गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी नर्स ही कराती हैं। क्षेत्र की बढ़ती आबादी और बढ़ते मामलों के बावजूद प्रशासन की बेरुखी के कारण हजारों महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा से प्रतिदिन खिलवाड़ हो रहा है।
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सीएचसी के कर्मचारियों के मुताबिक यहां हर दिन लगभग 12 से 15 गर्भवती महिलाएं इलाज, चेकअप और डिलीवरी के लिए आती हैं। विशेषज्ञ डॉक्टर के अभाव में जटिल मामलों का समय पर सही उपचार नहीं हो पाता। कई बार गर्भवती महिलाओं की स्थिति अचानक गंभीर हो जाती है, लेकिन केंद्र में विशेषज्ञ न होने की वजह से उन्हें तत्काल प्रभाव से चंडीगढ़ सेक्टर-32 या मोहाली जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है।
उपचार कराने आई एक गर्भवती महिला ने बताया कि जब भी किसी महिला की स्थिति गंभीर होती है, तो उसको बड़े अस्पताल तक लेकर जाने में काफी समय बर्बाद होता है। ट्रैफिक और दूरी के कारण मरीज को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। आपातकालीन स्थितियों में बड़ा खतरा बना रहता है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं के लिए यह यात्रा और भी मुश्किल हो जाती है क्योंकि कई परिवारों के पास निजी वाहन नहीं होते और एंबुलेंस की उपलब्धता भी हमेशा समय पर नहीं होती। संवाद
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नर्सों ने कहा गायनी डॉक्टर का होना बेहद जरूरी
केंद्र में उपलब्ध स्टाफ नर्सें मेहनत से डिलीवरी का काम संभाल रही हैं, लेकिन वे भी मानती हैं कि गंभीर मामलों के लिए गायनी विशेषज्ञ बेहद जरूरी है। नर्सों ने बताया कि बिना डॉक्टर के कई बार प्रसव के दौरान जटिलताएं बढ़ जाती हैं। उन्हें मजबूर होकर मरीज को रेफर करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में महिला और नवजात दोनों की जान जोखिम में पड़ सकती है।


ढाई लाख की आबादी की नहीं है चिंता
उपचार के लिए आए स्थानीय लोगों ने कहा कि ढकोली की करीब ढाई लाख से अधिक की आबादी है। तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना बेहद जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की वजह से महिलाओं को प्रतिदिन असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की बड़ी आबादी होने के बावजूद यहां बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है। अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को जल्द से जल्द सीएचसी में पूर्णकालिक गायनी विशेषज्ञ नियुक्त करना चाहिए, ताकि गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित माहौल और समय पर उपचार मिल सके।

कई बार लिखा लेटर, विभाग की नहीं टूटी नींद
सीएचसी के कर्मचारियों ने बताया कि गायनी डॉक्टर की नियुक्ति के लिए कई बार स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। हैरानी की बात है कि एक साल बाद भी विभाग ने इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि ढकोली सीएचसी में गायनोकॉलोजिस्ट की एक पोस्ट है। वह भी एक साल से खाली है। अगर यहां कोई बड़ा हादसा हो गया तो उसका कौन जिम्मेदार होगा ?



ढकोली सीएचसी में एक साल से गायनोकॉलोजिस्ट की जगह खाली है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिख दिया है। उम्मीद है कि विभाग जल्द ही भर्ती कराएगा। - गगन शेर गिल, एसएमओ सीएचसी ढकोली
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