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Mohali News: बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का आरोपी जा पाएगा कनाडा, सीबीआई कोर्ट ने दी मंजूरी

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मोहाली। बैंक से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने मामले में नामजद आरोपी को सीबीआई कोर्ट ने कनाडा जाने की मंजूरी दे दी है। आरोपी गुरदासपुर निवासी शीतल कुमार ने वकील के माध्यम से स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पांच महीने के लिए कनाडा जाने की याचिका दायर कर पासपोर्ट रिलीज करने की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया है। आरोपी शीतल कुमार को अदालत की शर्तों पर यह मंजूरी मिली है। आरोपी ने वकील के माध्यम से 15 सितंबर, 2024 से 15 जनवरी 2025 तक कनाडा जाने की अनुमति मांगी थी। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया था कि वह अपनी पत्नी के साथ पांच महीने के लिए बेटे सुशांत कुमार से मिलने के लिए कनाडा जाना चाहता है, जो कि अविवाहित है और कनाडा का नागरिक है। यह भी तर्क दिया था कि उनका बेटा विवाह योग्य है और वह उसकी शादी के लिए उपयुक्त वधू की तलाश कर रहे हैं। साथ ही याचिकाकर्ता ने सीबीआई द्वारा वर्तमान मामला दर्ज करने से पहले अगस्त 2016 में कनाडा का दौरा किया था। ऐसे में उसे अपेक्षित अनुमति प्रदान की जाए।
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वहीं, सीबीआई ने उपर्युक्त आवेदन के जवाब में कहा है कि सीबीआई ने 27 मार्च, 2018 को आईपीसी की धारा 120-बी, 420, 467, 468, 471 व धारा 13(2) आर/डब्ल्यू 13(1)(डी) पीसी अधिनियम, 1988 के तहत आरोपी मेसर्स नांगली राइस मिल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के निदेशक सहित सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। याचिकाकर्ता वर्तमान मामले में आरोपियों में से एक है और उस पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोप हैं। यदि याचिकाकर्ता को विदेश जाने की अपेक्षित अनुमति दी जाती है तो पूरी संभावना है कि वह स्वतंत्रता का दुरुपयोग कर सकता है। वह देश से भाग सकता है। उसकी कनाडा जाने की याचिका को रद्द किया जाए। अदालत ने फैसला सुनाया कि शीतल कुमार को अदालत की शर्तों पर कनाडा जाने की अनुमति दी जाती है।

यह शर्तें रखीं

- याचिकाकर्ता कनाडा के अलावा किसी अन्य देश की यात्रा नहीं करेगा।

- किसी भी आधार पर बताई गई अवधि से आगे विदेश में रहने के लिए समय नहीं मांगेगा।

- पांच लाख रुपये की बैंक गारंटी और इतनी ही राशि की एक जमानत के साथ निजी बांड प्रस्तुत करना होगा, जिसमें यह साबित करना होगा कि वह निर्धारित अवधि के भीतर भारत लौट आएगा।
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- यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उसकी अनुपस्थिति में उसका वकील अदालत में पेश होगा ताकि कार्यवाही जारी रह सकें।

- वह अपने बेटे का स्थायी पता और संपर्क नंबर भी प्रस्तुत करेगा, यानी वह स्थान जहां वह रह रहा है।

- याचिकाकर्ता वापस आने पर अदालत में उपस्थित होगा और 15 जनवरी 2025 को या इससे पहले पासपोर्ट जमा करेगा और उपस्थिति दर्ज कराएगा।

यह है मामला

सीबीआई ने पंजाब स्थित दो निजी कंपनियों के निदेशकों के खिलाफ बैंक ऑफ इंडिया में 89 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने के आरोप में केस दर्ज किया है। नांगली राइस मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 61.01 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। एक अन्य कंपनी नांगली एग्रो टेक प्राइवेट लिमिटेड पर 28.30 करोड़ रुपये के कथित ऋण धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में निदेशकों सहित सात लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था।
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