मोहाली। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करवाकर करीब 12 करोड़ की ठगी करने के मामले में नामजद मोहन सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पुलिस ने पूछताछ कर रही है। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने मोहन सिंह के साथी अश्वनी को कुराली से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को शुक्रवार को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि दोनों एक दूसरे पर ठगी के आरोप लगा रहे थे। इस कारण मोहन सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से लाकर आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की गई है। एसएचओ मटौर कुलवंत सिंह ने बताया कि दोनों ने क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर एक फर्म बनाकर लोगों से करीब 12 करोड़ की ठगी की थी।
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर 25 माह में रुपये डबल करने झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला हरसुख स्टडी वीजा एंड इमिग्रेशन कंपनी के भागे मालिक और पंजाब पुलिस से रिटायर्ड मोहन सिंह को पुलिस पहले चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी मोहन सिंह और अश्वनी कुमार के खिलाफ मटौर थाने में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
नयागांव के रहने वाले साहिल वर्मा की शिकायत पर यह केस दर्ज हुआ था। शिकायतकर्ता के अनुसार उन्होंने 2023 से लेकर मई 2024 तक कंपनी को करीब 18 लाख 60 हजार रुपये दिए। उसने अपने दोस्तों के भी दो लाख रुपये कंपनी में निवेश करवाए। उसके बाद अचानक कंपनी ने प्लान बंद कर दिया और रुपये ठग लिए। दरअसल मोहन सिंह, अरमान सिंह, इंदरदीप सिंह और अश्वनी कुमार ने मिलकर एक साथ क्वाइन क्रिप्टोकरेंसी नाम से एक कंपनी बनाई थी। उन्होंने निवेशकों को 25 माह में रुपये डबल करने का लालच दिया था। आरोपियों ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, यूपी और विदेशों में बैठे कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया था। बताया जा रहा है कि इस ठगी का मुख्य आरोपी और मास्टर माइंड मोहन सिंह पंजाब पुलिस से रिटायर्ड है।