मोहाली। फेज-6 स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस सिविल अस्पताल में नए उपयोगकर्ता शुल्क लागू होने के बाद सरकारी लैब की कई जांचें महंगी हो गई हैं। वहीं, अस्पताल परिसर में संचालित पीपीपी लैब में इन्हीं में से कई जांचें कम शुल्क पर उपलब्ध हैं। दोनों लैब की अलग-अलग दरों के कारण मरीजों में भारी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मरीजों को समझ नहीं आ रहा कि वे अपनी जांच कहां कराएं। बढ़े हुए शुल्क के कारण इलाज का कुल खर्च भी बढ़ गया है।
सरकारी लैब में जांच कराने के लिए मरीजों को लंबी लाइनों में भी लगना पड़ रहा है। फेज-6 सिविल अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि पहले यहां कम खर्च में जांच और इलाज हो जाता था। अब कई जांचों के लिए अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्ग के मरीजों पर पड़ रहा है। कई मरीजों ने बताया कि डॉक्टर एक लैब की सलाह देते हैं, जबकि दूसरी लैब में वही जांच कम शुल्क में मिलती है। इससे उन्हें पहले दरों की जानकारी लेनी पड़ती है। अनावश्यक भागदौड़ करनी पड़ती है।
जांच दरों में बड़ा अंतर
सरकारी और पीपीपी लैब की जांच दरों में काफी अंतर है। रैंडम ब्लड ग्लूकोज जांच सरकारी लैब में 30 रुपये की है, जबकि पीपीपी लैब में यह 14 रुपये में होती है। ब्लड ग्रुप व आरएच टाइपिंग 82 रुपये के मुकाबले 60 रुपये में उपलब्ध है। एलएफटी जांच सरकारी में 150 रुपये और पीपीपी में 75 रुपये की है। टी-3 और टी-4 जैसी कई अन्य जांचों में भी सरकारी और पीपीपी दरों में लगभग दोगुना अंतर है। मरीजों का कहना है कि एक ही अस्पताल में एक ही जांच के अलग-अलग रेट भ्रम पैदा कर रहे हैं।
मैं अस्पताल में टी थ्री, टी फोर टेस्ट करवाने आई हूं। पहले की तुलना में अब अधिक शुल्क देना पड़ा। सरकारी अस्पताल में इलाज सस्ता होने की उम्मीद रहती है, लेकिन बढ़े हुए रेट से गरीब मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। मेडिकल कालेज में यह टेस्ट 75 रुपये का होता है जबकि पीपीपी की लैब में 45 रुपये का हो गया है। - मनीषा, मरीज, निवासी बलौंगी
मुझे सिर और गर्दन में दर्द था। इसके बाद शुगर की जांच करवाई। सरकारी रेट पर एचबीएवनसी टेस्ट 150 रुपये में हो रहा है। यह पीपीपी मोड पर चल रहे जांच सेंटर में 87 रुपये का हो रहा है। इस कारण रेट कम ज्यादा होने से परेशानी हो रही है। पेट में दर्द था। मैं अस्पताल में अल्ट्रासांउड करवाने आया था। - जितेंद्र पासवान, निवासी बलौंगी
पंजाब स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यूजर चार्ज एक समान किए जा रहे हैं। मोहाली मेडिकल कॉलेज में पहले कई जांचों के रेट अन्य मेडिकल कॉलेजों की तुलना में कम थे, इसलिए संशोधित दरें लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों को सभी स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह उपलब्ध कराई जा रही हैं। - डॉ. करनवीर सिंह, सीएमएस, सिविल अस्पताल फेज-6, मोहाली