आतंकी परमजीत सिंह पम्मा के खिलाफ मटौर थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मामले की शुक्रवार को जिला अदालत में सुनवाई हुई। अदालत में पुलिस के कर्मचारी नहीं पहुंचे। इस कारण अदालत ने मामले की अगली सुनवाई एक जून निश्चित कर दी है। मोहाली पुलिस धोखाधड़ी के मामले में पम्मा को भारत लाने की तैयारी कर रही है। क्योंकि संबंधित अदालत की तरफ से परमजीत सिंह पम्मा के खिलाफ खुले गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 1998 में मटौर पुलिस ने पम्मा व तीन अन्य लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनाने का मामला दर्ज किया था। मामले में चारों आरोपियों ने अदालत से जमानत ले ली थी। जबकि बाद में तीन आरोपियों को सजा हो गई थी। परमजीत सिंह पम्मा के विदेश चले जाने कारण उसे अदालत ने भगोड़ा करार दे दिया था। पम्मा नवंबर 2015 में जब अपने परिवार समेत छुट्टियां मनाने के लिए पुर्तगाल गया था तो वहां की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। जैसे ही यह खबर मीडिया में आई कि पुर्तगाल में पम्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है तो मोहाली पुलिस पम्मा को धोखाधड़ी के केस में भारत लेने गई थी। लेकिन, पुर्तगाल पुलिस ने पंजाब पुलिस की इस मांग को ठुकरा दिया था।