मोहाली। जिला मोहाली में अब लावारिस कुत्तों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। हालात यह हैं कि ढाई साल के दौरान करीब 14461 लोगों को लावारिस कुत्तों ने अपना शिकार बना डाला है। मोहाली में बढ़ते लावारिस कुत्तों के मामलों की एक बड़ी वजह नसबंदी न होना भी रहा। मोहाली में वर्ष 2022 से लेकर वर्ष 2023 के बीच 17 माह तक कोई नसबंदी नहीं की गई। जिसकी वजह से लावारिस कुत्तों की आबादी बढ़ती चली गई। हालांकि अब नगर निगम ने एक बार फिर से नसबंदी अभियान शुरू कर दिया है। काफी समय से बंद पड़े नसबंदी अभियान को पिछले साल 4 सितंबर को शुरू किया गया था।
लेकिनलावारिस कुत्तों के आतंक का खात्मा किसी तरह से भी नहीं हो पा रहा है। मोहाली जिले में शुक्रवार को लावारिस कुत्तों ने तीस लोगों को अपना शिकार बनाया। मोहाली के सिविल अस्पताल में शुक्रवार को तीस मामले आए हैं। जिसमें से 15 वह मामले हैं जो कि खरड़ के हैं। वैसे, वर्ष 2024 की बात करें तो मार्च में सबसे ज्यादा 676 मामले डॉग बाइट के आए हैं।
मोहाली के जिला अस्पताल में आने वाले डॉग बाइट के मामलों में पाया गया है कि तीस फीसदी मामलों में यह लावारिस कुत्ते दुपहिया वाहन चालकों और साइकिल चालकों के पीछे पड़े और उनको काट खाया। इसके साथ ही कई मामले मोहाली के पार्कों के हैं, जहां खेलते हुए बच्चों को लावारिस कुत्तों ने काटा। इसके साथ ही खरड़ के कई इलाकों में लावारिस कुत्तों के मामले तेजी के साथ बढ़ने लगे हैं।
मार्च तक 2667 की नसबंदी
नगर निगम की ओर से जुलाई 2024 तक करीब 4000 लावारिस कुत्तों की नसबंदी करवा दी गई है। औसतन प्रतिदिन 10-15 लावारिस कुत्तों की नसबंदी करवाई जा रही है। पिछले साल नवंबर में 432 लावारिस कुत्तों की नसबंदी करवाई गई।
डॉग बाइट के मामले
वर्ष 2022 4554
वर्ष 2023 5669
वर्ष 2024 4238
कोट्स
हम लगातार नसबंदी कर रहे हैं। 4 सितंबर 2023 से लेकर अब तक हमने चार हजार लावारिस कुत्तों की नसबंदी कर दी है। हमारा प्रयास है कि नसबंदी की संख्या को बढ़ाया जाए। जिससे आबादी पर कंट्रोल किया जा सके। -डॉ. संजीव कंबोज, मेडिकल ऑफिसर हेल्थ, नगर निगम, मोहाली