मोहाली। कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में चल रहे आंदोलन से वापस लौट रहे किसानों के टेंपो को ट्राले ने टक्कर मार दी। इसमें दो किसानों की मौत हो गई जबकि सात घायल हो गए। हादसा बनूड़-खरड़ रोड पर गांव भागोमाजरा के नजदीक सोमवार देर रात 10 बजे हुआ। घायलों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चार किसानों को चंडीगढ़ रेफर किया गया है। एक किसान की ऑपरेशन के दौरान टांगें काटनी पड़ीं। सेहत मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने सिविल अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि किसानों का इलाज मुफ्त किया जाएगा। पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिलाने का प्रयास भी किया जाएगा।
जानकारी के मुुताबिक दिल्ली आंदोलन में शामिल होने गए किसान टेंपो (छोटा हाथी) में सवार होकर वापस आ रहे थे। जब वह गांव भागोमाजरा के नजदीक पहुंचे तो खरड़ की ओर से गलत दिशा में आ रहे तेज रफ्तार 22 टायरों वाले ट्राले ने अचानक उनके टेंपो को अपनी चपेट में ले लिया और दोनों वाहन सड़क पलट गए। इस हादसे में सुखदेव सिंह निवासी गांव डडियाल जिला फतेहगढ़ साहिब और दीप सिंह निवासी पोपनयां जिला मोहाली की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि टेंपो चालक मनप्रीत सिंह समेत उसमें सवार पवन कुुमार, पूर्व सरपंच भाग सिंह, मूलाराम, महिपाल, दिलबाग सिंह रंगिया और सुखदर्शन सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
घायल होने पर भी किसान संघर्ष कामयाब बनाने का सपना
अस्पताल में दाखिल एक किसान ने कहा कि वह कुछ दिन पहले किसान आंदोलन में दिल्ली गए थे। वहां उन्होंने सभी किसान साथियों के साथ अपने हक में आवाज बुलंद की। सोमवार रात वह लौट रहे थे। वह टेंपो में पीछे की तरफ सोए हुए थे। उन्हें पता हीं नहीं चला कि यह हादसा कैसे हो गया। वह काफी जोर से सड़क पर गिरे और दोनों वाहन भिड़ने से तेज आवाज में धमाका हुआ था। इस हादसे में घायल लोगों ने अपने अन्य साथियों को हिम्मत दी और कहा कि अब उनके साथी बस में ही सवार होकर दिल्ली जाएंगे। किसान आंदोलन को कामयाब बनाया जाएगा।
गलत दिशा से ट्राला आने से हुआ हादसा
टेंपो चालक मनप्रीत सिंह निवासी गांव मजातड़ी ने बताया कि ट्राला गलत दिशा से आ रहा था। इस दौरान उसने टेंपो को सामने से सीधी टक्कर मार दी। इस हादसे में जख्मी किसानों को फेज-6 के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने सुुखदेव सिंह और दीप सिंह का मृत घोषित कर दिया। जबकि बाकी घायल सात किसानों को पहले सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। इसके बाद मनप्रीत सिंह, महिपाल और सुदर्शन सिंह को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। वहीं किसान मूलाराम को जीएमसीएच, सेक्टर-32 चंडीगढ़ में दाखिल करवाया गया है।
मृतकों के पारिवारिक सदस्य को दी जाए नौकरी: किसान नेता
इस सड़क हादसे में मृतक किसानों के शव का पोस्टमार्टम करवाकर मंगलवार को उनके शव परिजनों को सौंप दिए गए। किसान नेताओं ने मांग की है कि मृतक किसानों के परिवार के सदस्यों को नौकरी दी जाए। मृतकों को 15 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। वहीं, जख्मी किसानों को पांच-पांच लाख की मदद दी जाए। इस मौके पर सुरिंदर सिंह, महासचिव किसान यूनियन फतेहगढ़ साहिब, दविंदर सिंह प्रधान लखोवाल जिला मोहाली, जसवीर सिंह घोरा, बलजिंदर सिंह भजौली समेत कई किसान मौजूद थे।