मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक तकनीकी और प्रशासनिक इंतजाम किए हैं। पीएसईबी के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने बताया कि इस बार बोर्ड परीक्षाओं में आधुनिक डिजिटल तकनीक का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को फुलप्रूफ बनाया जा सके।
डॉ. अमरपाल सिंह ने जानकारी दी कि बोर्ड द्वारा पहली बार एमएटीक्यू ऐप लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से प्रश्नपत्रों की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी। यह ऐप पीएसईबी मुख्यालय से बैंक और वहां से परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आवाजाही पर नजर रखेगा। प्रश्नपत्र सौंपते और प्राप्त करते समय फोटो अपलोड करना अनिवार्य होगा। साथ ही ऐप जीपीएस लोकेशन कैप्चर कर उसे पहले से तय अधिकृत स्थानों से मिलान करेगा, जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना खत्म हो जाएगी। परीक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए मुख्यालय में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जा रहा है।
छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रोल नंबर स्लिप पर परीक्षा केंद्रों का स्पष्ट मैप दिया गया है, ताकि विद्यार्थी पहले से ही अपना केंद्र आसानी से ढूंढ सकें। गोपनीयता और अनुशासन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दिन विशेष ऑब्जर्वर नियुक्त किए जाएंगे। इसके अलावा नकल पर रोक लगाने के लिए पूरे पंजाब में 300 से अधिक फ्लाइंग स्क्वॉड गठित किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाएं नियंत्रित तरीके से वितरित की जाएंगी। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं पर बारकोडिंग की जा रही है, जिससे मूल्यांकन के दौरान परीक्षार्थियों की पहचान छिपी रहे और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
बाहरी परीक्षक होंगे तैनात
इस बार एक अहम सुधार के तहत प्रैक्टिकल परीक्षाएं पहली बार बाहरी परीक्षकों द्वारा करवाई जाएगी। 2 फरवरी से 12 फरवरी तक चल रही ये परीक्षाएं सुचारू रूप से संपन्न हो रही हैं। राज्यभर में कुल 2,366 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष कक्षा 8 में 2,77,316, कक्षा 10 में 2,72,560 और कक्षा 12 में 2,68,794 छात्र परीक्षाओं में शामिल होंगे। कक्षा 8 और 12 की परीक्षाएं 17 फरवरी से, जबकि कक्षा 10 की परीक्षाएं 6 मार्च से शुरू होंगी।