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कोई ऑप्शन नहीं दिख रहा: क्राइम ब्रांच की प्रताड़ना से डरे किशोर ने दे दी जान... पांच माह पहले किया था ये कसूर

Mon, 24 Mar 2025 01:20 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जीरकपुर (मोहाली)

सार

जीरकपुर का किशोर चंडीगढ़ के स्कूल में पढ़ता था। पांच माह पहले टीचर की पोस्ट सोशल मीडिया पर शेयर की थी। इसी मामले में चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच टीम ने उसे बुलाया था। मां का आरोप है कि बेटे ने डरकर जान दे दी।
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किशोर ने दी जान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सोशल मीडिया पर स्कूल टीचर की पोस्ट शेयर करने पर पुलिस के टार्चर से परेशान होकर किशोर ने आत्महत्या कर ली। शनिवार को चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने इस मामले में 17 वर्षीय किशोर को टार्चर किया। टाॅर्चर से तंग आकर जीरकपुर निवासी किशोर ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली। 

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किशोर की मां का कहना है कि उसके बेटे को चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच ने बुलाकर इस कदर डराया कि वह खुदकुशी करने के लिए मजबूर हो गया। किशोर की सुसाइड के बाद परिजनों ने जीरकपुर थाने में मामला दर्ज करवाया है।

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रविवार को जीरकपुर थाने में शिकायत देने पहुंची किशोर की मां ने बताया कि वह किसी काम से जालंधर गई थी। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सेक्टर-17 चंडीगढ़ क्राइम ब्रांच थाने से एएसआई गुरदेव सिंह की कॉल आई। एएसआई ने बताया कि उनके बेटे के खिलाफ स्कूल वालों की शिकायत है। उसको लेकर थाने आएं। उन्होंने कहा कि यह मामला पांच माह पहले का है। इसका निपटारा हो गया है। अब उनको क्यों बुलाया जा रहा है। एएसआई ने कहा कि थाने आना पड़ेगा। जब-जब बुलाएंगे तब आना होगा। इसके बाद जब महिला ने घर पहुंचकर दरवाजा खटखटाया तो किसी ने दरवाजा नहीं खोला। घर पर उसका बेटा अकेला था। जब शीशा तोड़कर अंदर गए तो उनका बेटा पंखे से लटका हुआ था। उसको तुरंत निजी अस्पताल लेकर गए जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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शिक्षकों और एएसआई पर मारपीट-धमकाने का आरोप

किशोर की मां और उनके दोस्तों ने आरोप लगाया कि उसका बेटा चंडीगढ़ के एक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहा था। स्कूल के टीचरों और सेक्टर-17 क्राइम ब्रांच के एएसआई ने उसको काफी मारा और डराया। उसका कॅरिअर खत्म करने की धमकी भी दी। इससे वह बहुत डर गया।

किशोर की मां ने कहा कि एएसआई गुरदेव सिंह ने काॅल कर उसके बेटे को अकेले बुलाया। मां ने आरोप लगाया कि सेक्टर-17 के थाने में पुलिस, प्रिंसिपल सहित तीन टीचर भी मौजूद थे। उन्होंने बच्चे को धमकाया। किशोर के दोस्तों से पता चला कि पुलिस उसको अकेले अलग रूम में ले गई जहां उसके साथ मारपीट की। सभी ने उसको धमकाया कि उसका भविष्य खत्म कर देंगे। उसके खिलाफ पर्चा दर्ज किया जाएगा। दोस्तों ने बताया कि पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की। यह भी कहा कि दिल्ली से टीम आएगी। उनकी जिंदगी अब खराब हो जाएगी।

आरोपियों को फांसी दी जाए

किशोर की मां ने कहा कि वह चंडीगढ़ प्रशासन के पास शिकायत लेकर जाएगी क्योंकि जीरकपुर पुलिस का कहना है कि मामला चंडीगढ़ से जुड़ा है तो जांच भी वहीं होगी। उनका कहना है कि बेटे को मरने के लिए मजबूर करने वाले हरेक व्यक्ति को फांसी होनी चाहिए।

मां को पुलिस के आगे गिड़गिड़ाना पड़ेगा

किशोर की मां ने बताया कि उनके बेटे ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि मीम पेज की वजह से टीचर ने शिकायत की है। पुलिस अब उन पर लीगल करवाई करना चाहती है। उनसे एक स्टेटमेंट भी साइन करवा लिया है तो उसे डर है कि उसकी मां को पुलिस और टीचरों के आगे गिड़गिड़ाना पड़ेगा। अब मुझे कोई ऑप्शन नजर नहीं आ रहा है। इसलिए मैं अपनी लाइफ खत्म करने लगा हूं।

हमारे पास सुसाइड की शिकायत आई है। इसके आधार पर हमने बच्चे के परिवार और उसके दोस्तों के बयान दर्ज कर लिए हैं। आगामी कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है। फिलहाल सुसाइड मामले पर ही काम कर रहे हैं। - जसकंवल सिंह सेखों एसएचओ जीरकपुर

कैमरे चेक कर सकते हैं, बच्चों को कुछ नहीं कहा

साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल और टीचर की शिकायत के बाद जांच की गई थी तो उसमें किसी देंवेद्र सिंह के नाम से मोबाइल का आईपी एड्रेस शो हुआ था। देवेंद्र को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। तब पता चला कि मोबाइल उनका बेटा इस्तेमाल करता है। शनिवार को देवेंद्र के बेटे के साथ तीन से चार दोस्त और आ गए। गुरदेव सिंह को नहीं पता था कि उन बच्चों में मृतक भी है। उन्हे सिर्फ समझाया गया था। 3:50 बजे मृतक की मां को कॉल की गई थी, जिसका रिकॉर्ड पता लग जाएगा। थाने के कैमरे से भी पता चल जाएगा कि पुलिस ने बच्चों को कुछ नहीं कहा।
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