शिक्षक होना महज एक रोजगार नहीं है, यह एक जिम्मेदारी है, भविष्य के निर्माण की। हालात कैसे भी हों, हर सूरत में इस जिम्मेदारी को निभाना ही शिक्षक होने को सार्थक करता है। ऐसी ही शिक्षक हैं सुमन विज। मोहाली के फेज 4 में रहने वाली सुमन एक निजी स्कूल में पढ़ाती हैं। वे कोरोना से संक्रमित हैं लेकिन इसके बावजूद वे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रही हैं। सुमन पिछले 15 साल से अध्यापन कर रही हैं।
पिछले सप्ताह सेहत खराब होने पर उन्होंने कोरोना जांच करवाई। सोमवार को आई जांच रिपोर्ट में वह पॉजिटिव पाई गई। पिछले साल ही सुमन की ओपन हार्ट सर्जरी हुई थी। अब कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जब विस्तृत जांच हुई तो फेफड़ों में निमोनिया की शिकायत मिली। सांस लेने में भी उन्हें दिक्कत हो रही है।
मोहाली के एक निजी अस्पताल के आईसीयू वार्ड में उनका इलाज चल रहा है। इतनी दिक्कत होने के बावजूद सुमन ने नन्हे बच्चों की शिक्षा से समझौता नहीं किया। अस्पताल के आईसीयू वार्ड से ही वह सुबह शाम बच्चों की ऑनलाइन क्लास ले रही हैं।