जीरकपुर। सिंघपुरा चौक पर पीआरटीसी की ओर से बनाए गए अस्थायी बस स्टैंड पर एक बार फिर अवैध वसूली का खेल शुरू हो गया है। इसके चलते रोजाना टैक्सी चालकों की अवैध टैक्सी स्टैंड वालों से बहस हो रही है। बेरोजगार टैक्सी चालकों का आरोप है कि उनसे जबरन प्रति माह एक हजार रुपये बस स्टैंड में एंट्री के लिए रजिस्ट्रेेशन फीस अवैध रूप से ली जाती है। वहीं रोजाना प्रति चक्कर हर टैक्सी ड्राइवर से अवैध टैक्सी स्टैंड के कथित प्रधान 200-300 रुपये वसूलते हैं।
बुधवार को अवैध टैक्सी स्टैंड वालों और बेरोजगार टैक्सी चालकों के बीच गाड़ी भरने को लेकर बहस शुरू हुई और देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई। इसके बाद टैक्सी चालक राजेश कुमार रविंद्र सिंह, मोनी, नरेश, राजू, जस्सी, कमल, मोहित मग्गू, गोरा व गुरविंदर सिंह ने अवैध टैक्सी स्टैंड पर पहुंचकर अवैध वसूली को रोकने की कोशिश की। इसके बाद अवैध टैक्सी स्टैंड वालों ने इन टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ जीरकपुर थाने में पुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने दोनों पक्षों को पुलिस स्टेशन बुलाकर मामले को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन वहां भी दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच करने का हवाला देकर दोनों पक्षों को लौटा दिया।
बस चालक भी बीच सड़क से उठाते हैं सवारी
अवैध टैक्सी स्टैंड के चलते बस चालकों को अपनी बसें सड़क के बीच में ही रोकनी पड़ रही हैं। इसके चलते यहां हर समय जाम लगा रहता है। वहीं सवारियां सड़क पर खड़े रहने से यहां अक्सर हादसे भी होते रहते हैं। हालांकि पीआरटीसी के ठेकेदार ने यहां एक बस क्यू शेल्टर बनाया है और ट्रैफिक पुलिस ने बसों को स्लिप रोड से ही ले जाने की हिदायत दी है लेकिन सड़क पर अवैध टैक्सी माफिया के कब्जे के कारण बस ड्राइवर भी सड़क से ही सवारी बिठाते हैं।
बसों से पहले टैक्सीवाले उठाते हैं सवारियां
इस जगह टैक्सी वाले बसों के आने से पहले दिल्ली जाने के लिए सवारियां उठाते हैं। इसके साथ ही इन टैक्सी चालकों से यहां अवैध वसूली करने वाले लोग प्रति टैक्सी 200 रुपये वसूलते हैं। बस अड्डा ठेकेदार कौशल कुमार ने भी एसएचओ गुरचरण सिंह को मामले संबंधित शिकायत दी है। वहीं चालकों ने मीडिया कर्मियों को भी बताया। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसएचओ गुरचरण सिंह ने टैक्सी चालकों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
कोट्स
एरिया में कोई भी गैर-कानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं करेंगे। जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों पर केस दर्ज किया जाएगा। मामले की जांच चल रही है। दोनों पक्षों में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। -गुरचरण सिंह, एसएचओ