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स्वच्छता सर्वेक्षण-2025 : कूड़े के पहाड़ में कचरा हुई मोहाली की रैंकिंग

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मोहाली। स्वयं को वीआईपी सिटी कहलाने वाला मोहाली इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण-2025 की रैंकिंग में बुरी तरह पिछड़ गया है। पिछली बार 82वीं रैंक पर रहने वाला शहर अब 128वें पायदान पर पहुंच गया है, यानी देश के टॉप-100 शहरों की लिस्ट से भी बाहर हो गया है। इसके उलट सर्वेक्षण में खरड़ देश का सर्वश्रेष्ठ शहर बनकर उभरा है। पंजाब में भी मोहाली की हालत खराब रही और वह राज्य रैंकिंग में 11वें स्थान तक गिर गया। पहले यह टॉप-10 में शामिल था।
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नगर निगम के डंपिंग ग्राउंड और आरएमसी पॉइंट्स पर जमा कूड़े के पहाड़ों ने शहर की सुंदरता को बर्बाद कर दिया है। मोहाली में डोर-टू-डोर कलेक्शन सिर्फ 32%, स्रोत पर कचरे का अलगाव मात्र 24% और प्रोसेसिंग 57% ही हो पा रही है। शहर को ओडीएफ++ तो घोषित किया गया है, लेकिन जीएफसी (गार्बेज फ्री सिटी) स्टेटस में मोहाली को कोई भी स्टार नहीं मिला। इससे निगम की कार्यशैली और अधिकारियों की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं। नगर निगम में चल रही राजनीति, अफसरों की लापरवाही और जन भागीदारी की कमी को इस गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है।



मोहाली से बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिले के ही दूसरे शहर

शहर
राष्ट्रीय रैंक राज्य रैंक डोर टू डोर कलेक्शन
प्रोसेसिंग जीएफसी स्टार

डेराबस्सी
357
29 100% 66% 1 स्टार

कुराली
319
24 73% 90% X

ज़ीरकपुर 225
26 30% 99% X

खरड़
277 44 72% 19% X

बनूड़ 472
28 32% 15% X

लालड़ू 880
106 66% 44% X

नयागांव 517
111 40% 0% X




छोटे शहरों ने चाैंकाया सीमित संसाधनों के बावजूद छोटे शहरों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कुराली, डेराबस्सी जैसे शहर बेहतर प्रबंधन का उदाहरण बनकर उभरे हैं। डेराबस्सी ने शत-प्रतिशत डोर टू डोर और 1 स्टार जीएफसी ने चौंका दिया है।
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खरड़ के लोग बने मिसाल
स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 में पंजाब के मोहाली जिले के खरड़ शहर ने नागरिकों की प्रतिक्रिया के आधार पर भारत का सर्वश्रेष्ठ शहर बनने का खिताब हासिल किया है। कभी टूटी सड़कों और जलभराव के लिए सोशल मीडिया पर मीम्स का विषय रहा खरड़ अब स्वच्छता के क्षेत्र में मिसाल बन गया है। इस कामयाबी के पीछे लोगों की भागीदारी, डिजिटल फीडबैक और नगर परिषद की प्रतिबद्धता अहम वजह रही। नागरिकों ने सफाई को लेकर जागरूकता दिखाई और समय पर प्रतिक्रिया देकर अपने शहर को इस मुकाम तक पहुंचाया। इसी के चलते खरड़ को देश के सबसे स्वच्छ शहर का अवॉर्ड मिला है।



कूड़ा बना परेशानी
मोहाली में जगह-जगह कूड़े के ढेर सबसे ज्यादा परेशानी का कारण बने हुए हैं। अगर नगर निगम समय पर सफाई करती तो मोहाली स्वच्छता सर्वेक्षण पर टॉप पर आ सकता था। - एडवोकेट चेतन विज, फेज-7



निगम ने नहीं किया काम
नगर निगम अगर सही ढंग से शहर को स्वच्छ रखने के लिए काम करती तो आज मोहाली शहर टॉप-100 में शामिल होता। -मनोज शर्मा, फेज-6

खींचतान से गिरी रैंकिंग
नगर निगम में मेयर और विधायक की लड़ाई के कारण मोहाली में स्वच्छता रैंकिंग गिरी है। जो विकास तेज गति से अकाली दल की सरकार ने किया था, वह मौजूदा मेयर और विधायक की निगम में चल रही खींचतान का शिकार हो गई है। -परविंदर सिंह सोहाना, जिला प्रधान शिरोमणि अकाली दल
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