जीरकपुर। आगामी नगर परिषद चुनाव को लेकर सरकार द्वारा लागू की गई नई वार्डबंदी को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर अदालत में उलझ गया है। अदालत ने पंजाब सरकार को जारी नोटिस टू स्टे बरकरार रखकर नई वार्डबंदी पर रोक जारी रखी है। मंगलवार 3 फरवरी 2026 को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा, जो अब 18 फरवरी को निर्धारित की गई है। अदालत के इस रुख के बाद जीरकपुर में नगर परिषद चुनाव पुरानी वार्डबंदी के आधार पर ही कराए जाने के आसार नजर आ रहे हैं।
22 दिसंबर 2025 को जीरकपुर शहर की नई वार्डबंदी की घोषणा की गई थी। इसका नक्शा नगर परिषद कार्यालय के बाहर प्रदर्शित किया गया था। नई वार्डबंदी सामने आते ही लगभग सभी पार्षदों ने इसका कड़ा विरोध किया। सरकार ने 29 दिसंबर तक वार्डबंदी पर आपत्तियां मांगी थीं। आपत्तियों के बावजूद इसे नोटिफाई करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई और इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की गई थी। इसी बीच नगर परिषद अध्यक्ष उदयवीर सिंह ढिल्लों ने पार्षदों के समर्थन से इस नई वार्डबंदी को अदालत में चुनौती दे दी।
मामला अदालत में जाने के बाद सरकार इसे नोटिफाई नहीं कर सकी। अब अदालत द्वारा नोटिस टू स्टे बरकरार रखे जाने से राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत ने स्टे को आगे भी जारी रखा तो नगर परिषद जीरकपुर के चुनाव पुरानी वार्डबंदी के अनुसार ही कराना प्रशासन की मजबूरी बन जाएगी।
नगर परिषद की टर्म 5 अप्रैल 2026 को समाप्त हो रही है। सरकार द्वारा की गई नई वार्डबंदी पूरी तरह गलत थी। इस कारण हमने इसे अदालत में चुनौती दी। अदालत ने 3 फरवरी को इस वार्डबंदी पर स्टे बरकरार रखा है। अब अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी और हमें उम्मीद है कि चुनाव पुरानी वार्डबंदी के अनुसार ही होंगे। -उदयवीर सिंह ढिल्लों, अध्यक्ष, नगर परिषद जीरकपुर
चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों की गतिविधियां तेज
नगर परिषद चुनाव को देखते हुए संभावित उम्मीदवारों ने अभी से जनसंपर्क तेज कर दिया है। कई उम्मीदवार लोगों के स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनवाने में जुटे हैं, तो कुछ गलियों में पाइपलाइन डलवाने और इंटरलॉक टाइल्स लगवाने के प्रयास कर रहे हैं। अलग-अलग वार्डों में उम्मीदवार लोगों के साथ फोटो खिंचवाते हुए नजर आ रहे हैं। पूरे जीरकपुर शहर में करीब 80 से 100 संभावित उम्मीदवार सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी सक्रियता दिखा रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल गर्माता जा रहा है।