मोहाली। नगर निगम मोहाली की वार्डबंदी में अनियमितता के मामले की वीरवार को सुप्रीम कोर्ट मेें सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में जवाब मांगा है। हाईकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद फेज-छह निवासी बच्चन सिंह व पूर्व अकाली पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
जानकारी के अनुसार, पूर्व पार्षद आरपी शर्मा, सुखदेव सिंह पटवारी व बच्चन सिंह ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि वार्डबंदी में नियम ताक पर रखे गए हैं। आरपी शर्मा ने आरोप लगाया था कि उनके वार्ड को जानबूझकर अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है, ताकि उनके परिवारों का कोई सदस्य चुनाव न लड़ पाए। उन्होंने इस संबंधी दस्तावेज अदालत में पेश किए थे। इसी तरह अकाली पार्षद सुखदेव सिंह पटवारी ने भी आरोप लगाया था कि उनके वार्ड में गलत तरीके से काटछांट की गई है। सेक्टर-70 के साथ गांव का एरिया शामिल कर दिया गया है। ऐसे में एक ही वार्ड के लोगों को अपने पार्षद से मिलने के लिए शहर की सबसे व्यस्त सड़क एयरपोर्ट रोड को पार करना पड़ेगा। दूसरी ओर, सरकारी पक्ष की ओर से वार्डबंदी बोर्ड के गैर सरकारी सदस्य पूर्व पार्षद कुलजीत सिंह बेदी और अमरजीत सिंह जीती सिद्धू ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। इस मामले पर लंबी बहस हुई थी। हालांकि अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया था।
भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने शहर में डाला डेरा
एक तरफ नए खेती कानूूनों के खिलाफ केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ किसान संघर्ष की राह पर हैं। दूसरी तरफ भाजपा के नेता निकाय चुनाव में पार्टी की पकड़ मजबूत बनाने की रणनीति में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में वीरवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता केडी भंडारी और अरविंद मित्तल मोहाली पहुंचे। उन्होंने नेताओं से बैठक की, जिसमें भाजपा के कार्यकारिणी सदस्य सुखविंदर सिंह गोल्डी, उद्योगपति संजीव वशिष्ट, पूर्व पार्षद अरुण शर्मा, अशोक झा, उमाकांत तिवारी, अनिल, मदन गोयल, जग्गी औजला, रोमेश दत्त व विशाल शर्म भी हाजिर रहे।