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Mohali News: सनी एनक्लेव में गहरा बिजली संकट<bha>;</bha> 12 से 15 घंटे लग रहे कट, लोगों की दिनचर्या चरमराई

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मोहाली। भीषण गर्मी में खरड़ की सबसे बड़ी और पॉश रिहायशी कॉलोनी सनी एनक्लेव समेत आसपास के कई क्षेत्रों में बिजली का संकट गहरा गया है। आलम यह है कि हर दिन 12 से 15 घंटे का बिजली कट लग रहा है। यहीं नहीं लाइन फॉल्ट के समय बिजलीकर्मियों की गैरहाजिरी ने लोगों को गंभीर परेशानी में डाल दिया है। इस वजह से लोगों की दिनचर्या चरमरा गई है।
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सनी एनक्लेव और आसपास के इलाकों की बिजली मेंटेनेंस की जिम्मेदारी बिल्डर के पास है। यहां के निवासियों का कहना है कि बिजली फॉल्ट के समय न तो उनकी टीम समय पर आती है और न ही फोन उठाया जाता है। लाइनमैन से लेकर एक्सईएन तक को बार-बार फोन किया जा रहा है, लेकिन समस्या का हल नहीं हो रहा है। लोगों ने बताया कि इन दिनों इलाके का ग्रिड ओवरलोड चल रहा है जिससे ट्रिपिंग और कटौती की समस्या बार-बार हो रही है। इसके बावजूद बिजली विभाग और मेंटेनेंस टीम की ओर से किसी भी प्रकार की ठोस कार्रवाई या सुधार नहीं हो रहा है।
क्या कहते हैं सनी एन्क्लेव के निवासी

बिजली न आने से बच्चे और बुजुर्गों की हालत खराब
लाइन फॉल्ट हो जाए तो कभी-कभी छह से आठ घंटे तक रिस्पांस ही नहीं मिलता। गर्मी के चलते बच्चों और बुजुर्गों की हालात बेहद खराब हो रही है। -पवित्र पाल सिंह बराड़
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सीएम पोर्टल पर शिकायत के बावजूद नहीं निकला हल
इस मामले में सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दी, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात। -निर्देश शर्मा
फोन का नहीं मिलता जवाब
फाेन का कोई जवाब तक नहीं देता। एक-एक कॉल पर 10-10 बार डायल करना पड़ता है।— अरुण अग्रवाल
वर्क फ्रॉम होम वाले नहीं कर पा रहे काम


वर्क फ्रॉम होम वाले लोग दिनभर बिना बिजली के काम नहीं कर पा रहे जिससे प्रोफेशनल और आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। -मनु शर्मा



यहां भी हालत बेहद खराब
सिर्फ सनी एन्क्लेव ही नहीं, शाही माजरा, मोहाली गांव, बड़माजरा, जुझार नगर जैसे ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी बिजली की स्थिति बदतर है। गर्मी में इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं, जिससे लोग रातें जागकर गुजारने को मजबूर हैं।



प्रशासन और बिजली निगम से स्थायी समाधान की मांग

लोगों ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) और जिला प्रशासन से इसका स्थायी समाधान निकालने की अपील की है। लोगों की मांग है कि बिल्डर से मेंटेनेंस वापस लेकर इसे सरकारी विभाग को सौंपा जाए ताकि जिम्मेदारी तय हो सके और कार्रवाई समय पर हो।
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