डेराबस्सी। 15 कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर उनकी जगह ठेका प्रणाली से नए लोगों को रखकर काम करवाने के खिलाफ हलका विधायक के कार्यालय को भारी संख्या में लोगों ने एकत्रित होकर घेर लिया। सुखमणी इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मजदूर दिवस पर किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने नाराजगी जताई। नाैकरी से निकाले जाने के विरोध में 60 दिन से स्कूल के बाहर धरने पर बैठे कर्मचारियों का मामला पंजाब सरकार और स्थानीय विधायक ने अब तक उचित ढंग से नहीं उठाया है।
इस कारण मजदूरों और किसानों में भारी रोष व्याप्त है। मनप्रीत सिंह अमराला (भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के उप‑प्रधान), गुरबिंदर सिंह चोंहड़ड़ी (कर्मचारी नेता), विनोद चुग्ग (पंजाब एटक के उप‑प्रधान), जगतार सिंह झरमड़ी, रणजीत सिंह राणा, हरनाम सिंह (बीकेयू लखोवाल, डेरा बस्सी), एकम सिद्धू, बलजीत सिंह (चेयरमैन), कमलजीत सिंह (शिक्षण संस्थान कर्मचारी यूनियन एटक के उप‑प्रधान), सुरिंदर सिंह और बलविंदर सिंह जड़ौत (कुल हिंद किसान सभा के नेता) सिंदर सिंह डेरा बस्सी ने बताया कि 21 अप्रैल को विधायक की कोठी के बाहर चले प्रदर्शन के दौरान विधायक के भाई परमजीत रंधावा ने एक सप्ताह के भीतर मामले का समाधान करने का विश्वास दिलाया था, लेकिन विधायक जानबूझकर इस मुद्दे को टाल रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों किसान और मजदूर कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते रहे, लेकिन कार्यालय में मौजूद पूरे स्टाफ के बावजूद कोई भी सरकारी प्रतिनिधि मांग‑पत्र लेने नीचे नहीं उतरा। संगठनों के नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री से मांग की है कि हलका विधायक पर अब लोगों का विश्वास उठ चुका है, इसलिए वह स्वयं इस मामले में दखल दें और इस प्रकार के अन्याय को रोककर ठेका प्रणाली के माध्यम से हुई भर्ती को रद्द कर निर्वासित कर्मचारियों को बहाल करवाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 5 मई तक इस मसले का निराकरण नहीं हुआ, तो डेराबस्सी के हर वार्ड में जागो जुलूस निकालकर विधायक की जन‑विरोधी नीतियों के बारे में लोगों को सच्चाई बताई जाएगी।