डेराबस्सी। शहर में अदालती कांप्लेक्स के लिए पर्याप्त जगह न मिलने के कारण इसका कार्य बीच में ही लटका हुआ है। पिछले 18 साल से अदालतें तहसील कांप्लेक्स के अंदर ही चल रही हैं। अदालती कांप्लेक्स के निर्माण के लिए संबंधित अधिकारियों ने कई जगह का दौरा किया, लेकिन कहीं भी सहमति नहीं बन सकी।
जबकि तहसील कांप्लेक्स में पहले से ही पार्किंग की समस्या बनी हुई है। इस कारण तहसील रोड पर हर समय ट्रैफिक जाम लगा रहता है, जबकि तहसील सड़क शहर की मुख्य सड़क है जो शहर में आने जाने और दर्जनों गांवों को जोड़ती है। यह सड़क काफी तंग है जो यहां से गुजरने वाले यातायात का बोझ सहन करने में नाकाम साबित हो रही है। इस भारी समस्या को देखते हुए लंबे समय से शहर वासी तहसील कांप्लेक्स में से अदालती कांप्लेक्स को यहां से दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक अप्रैल 2004 में तहसील परिसर के भवन में एक न्यायालय स्थापित किया गया था। जबकि इससे पहले लोगों को राजपुरा अदालत में जाना पड़ता था। यहां पहुंचने के लिए कई किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। एक अदालत शुरू होते ही यहां पर राजपुरा से इस क्षेत्र से संबंधित सात हजार केस ट्रांसफर कर दिए गए थे। एक अदालत में अधिक काम होने के कारण दो और अदालतें स्थापित करनी पड़ीं। समय बीतने के साथ, मामलों की संख्या को देखते हुए यहां पर दो अन्य अदालतों को मंजूरी दी गई थी। लेकिन जगह की कमी के कारण पांच में से दो अदालत आज भी शुरू नहीं हो पाई हैं। इस समय डेराबस्सी में तीन अदालत चल रही हैं।
वर्ष-2004 से अदालती कांप्लेक्स बनाने का विचार चल रहा है। लेकिन उपयुक्त स्थान न मिलने के कारण यह कार्य बीच में ही लटका हुआ है। पहले तो तहसील कांप्लेक्स में ही खाली पड़ी जमीन पर कोर्ट कांप्लेक्स बनाने पर सहमति बनी, लेकिन यहां ट्रैफिक जाम रहने के कारण इसका विरोध होने लगा था। इसके बाद मुबारकपुर रोड पर डीएवी स्कूल के पास खाली पड़ी चार एकड़ जमीन पर विचार शुरू किया गया। जमीन की खरीद के लिए नगर परिषद डेराबस्सी के खाते में छह करोड़ रुपये भी जमा कराए गए। लेकिन यहां जाने के लिए सीधा रास्ता न होने के कारण इस जगह को भी रद्द कर दिया गया। इसके बाद मुबारकपुर में रेस्ट हाउस के साथ पड़ी खाली जमीन को देखा गया, लेकिन इसके नजदीक से रेलवे लाइन और घग्गर नदी गुजरने के कारण यहां पर भी सहमति नहीं बन सकी। इस दौरान नगर काउंसिल में जमीन की खरीद के लिए आया पैसा भी वापस ले लिया गया।
इसके बाद मुख्य सड़क पर स्थित गांव देवी नगर की जमीन पर लगभग पूरी सहमति बन गई थी, लेकिन गांव के कुछ परिवारों ने जमीन पर उनका कब्जा होने को लेकर इसका भारी विरोध किया। हाल ही में मुख्य मार्ग के नजदीक गांव जवाहरपुर में जन स्वास्थ्य कार्यालय के पास एक खाली जगह देखी गई है। इस जगह का दौरा हाईकोर्ट की इंस्पेक्शन कमेटी के सदस्य भी कर चुके हैं। लेकिन अब इस जगह का भी विरोध होना शुरू हो गया है। इस कारण मामला खटाई में पड़ता जा रहा है।
कोट
लंबे समय से अदालती कांप्लेक्स का कार्य बीच में लटका हुआ है। पंजाब सरकार को चाहिए कि वह शहरवासियों और वकीलों की समस्याओं को देखते हुए एक पर्याप्त जगह का चुनाव करे। इसके लिए जगह भविष्य की योजनाओं को देखते हुए चुननी चाहिए। जगह का चुनाव करने और अन्य कार्यों में बार एसोसिएशन पूरा सहयोग करेगी। -अमरिंदर सिंह ननूआ, प्रधान बार एसोसिएशन, डेराबस्सी
कोट
पंजाब सरकार और हलका विधायक कुलजीत सिंह रंधावा को एक मांगपत्र देते हुए मिनी सचिवालय मुख्य मार्ग पर हल्दीराम स्टोर के आसपास कहीं बनाना चाहिए। गांव जवाहरपुर में विचारधीन जगह हाईवे से दूर अंदर है। यहां भविष्य में लोगों को आने-जाने में दिक्क्त आएगी। जिस हिसाब से इस क्षेत्र को गेट-वे ऑफ पंजाब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उसको देखते हुए यहां हाईवे के किनारे मिनी सचिवालय का निर्माण करना चाहिए, जिसमें शहर के बीचोंबीच स्थित तहसील कांप्लेक्स, अदालती कांप्लेक्स, मुबारकपुर स्थित डीएसपी कार्यालय, लेबर दफ्तर सहित अन्य सरकारी दफ्तर एक ही छत के नीचे स्थापित होने चाहिए ताकि लोगों को बड़ी सुविधा मिल सके। -अनमोल सिंह, एडवोकेटस्