मोहाली। वीआईपी जिले में गैंगस्टरों से लेकर नशा तस्करों पर नकेल कसने के लिए पुलिस विभाग ने नई रणनीति से काम शुरू किया है। पुलिस की तरफ से 16 गांवों में सुझाव बॉक्स स्थापित किए गए हैं। जिसमें कोई भी व्यक्ति अपना नाम या मोबाइल नंबर लिखे बिना अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकता है। फिर पुलिस द्वारा उक्त सूचना को वेरिफाई करके अपराधियों को काबू कर सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा। कई गांवों में सुझाव बॉक्स के सार्थक नतीजे सामने आए हैं। जिले में यह पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है।
एसएसपी विवेकशील सोनी ने बताया कि पुलिस की कोशिश लोगों के लिए एक अच्छा माहौल पैदा करना है। जिले में काफी तेज गति से विकास हो रहा है। खासकर जीरकपुर और खरड़ में कई बड़े हाउसिंग प्रोजेक्ट और नामी शिक्षण संस्थान स्थापित हुए हैं। जिनमें पढ़ने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी विद्यार्थी आ रहे हैं। इसी चीज का अपराधी किस्म के लोग भी पूरा फायदा उठा रहे हैं। ऐसे में वह उक्त एरिया में किराए पर रहकर अपनी वारदातों को आसानी से अंजाम दे रहे हैं। यह चीज गत समय में सामने भी आ चुकी है। ऐसे में पुलिस का थिंक टैंक काफी समय से रणनीति बनाने में जुटा हुआ था। इसके बाद यह सुझाव बॉक्स की दिशा में काम किया गया है। इ
स प्रोजेक्ट के तहत जिस गांव में बॉक्स लगाया जाता है। उस गांव में पुलिस के अधिकारी एक मीटिंग करते हैं। साथ ही लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाता है। साथ ही एक सार्वजनिक स्थल पर बॉक्स स्थापित किया जाता है। ताकि वहां तक कोई सूचना पहुंचा सकें। अधिकारियों का साफ कहना है कोई भी व्यक्ति लिखकर बॉक्स में सूचना दे सकता है। शेष उसे अपने बारे में कुछ नहीं लिखना है। गांव मजात के प्रभारी कमल तनेजा ने बताया कि हफ्ते में एक दिन बॉक्स खोले जाते हैं।
धार्मिक स्थानों पर तीसरी आंखों से नजर
जिला प्रशासन की ओर से धार्मिक स्थानों की सुरक्षा भी काफी बढ़ा दी गई है। सभी धार्मिक स्थलों पर कमेटियों के सहयोग से कैमरे लगाए गए हैं। वहीं, पुलिस की टीमें लगातार धार्मिक स्थलों का मुआयना करती है। सभी थानों के एसएचओ की इस बारे में विशेष ड्यूटी तक लगाई गई है। उनसे सहयोग की अपील की गई है।