मोहाली। भारत विश्व बंधुत्व के विचार के साथ आगे बढ़ने का दृष्टिकोण रखता है। पूरी मानवता का उत्थान चाहता है और भारत की नई शिक्षा नीति व्यापक परिवर्तन के साथ वैश्विक फलक पर भारतीय शिक्षा का वैभव पुन: स्थापित करेगी। गुरु नानक की प्रेरणा, विचार और उनकी शिक्षाएं पूरी दुनिया के लिए संजीवनी का कार्य कर रही हैं। ये शब्द चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित करवाए गए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहे। वह इस कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शामिल हुए।
इस कार्यक्रम में सॉउथम्पटन विश्वविद्यालय यूके के अध्यक्ष और वाइस चांसलर प्रोफेसर मार्क ई. स्मिथ और कनाडा के डलहोजी विश्वविद्यालय के अध्यक्ष और वाइस चांसलर डॉ. दीप सैनी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू कांफ्रेंस में शामिल हुए। जहां एक ओर इस वर्चुअल इंटरनेशनल कांफ्रेंस में 20 देशों के 31 विश्विद्यालयों के प्रख्यात अध्यक्षों, प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। वहीं तकरीबन एक करोड़ लोग इस ऑनलाइन कार्यक्रम से जुड़े। इस अवसर पर बात करते हुए डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आत्मनिर्भर’ भारत के निर्माण के लिए ‘लोकल फॉर वोकल’ स्वर की परिकल्पना की है। भारतीय शिक्षा को वैश्विक मानकों पर ले जाने के लिए, उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण का अत्यधिक महत्व है। उन्होंने कहा कि भारत चरक, आर्यभट्ट और नागार्जुन जैसे विश्वविख्यात गुरुओं की जन्मस्थली रही है। अब इन विद्वानों के ज्ञान को रिसर्च और अनुसंधान से समस्त दुनिया में प्रचारित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारत विश्वविद्यालयों से होकर वैश्विक स्तर पर ज्ञान की महाशक्ति बनेगा। हर साल तकरीबन 8 लाख भारतीय विद्यार्थी विदेशों में शिक्षा ग्रहण करने जा रहे हैं और भारत के करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए विदेश में शिक्षा प्राप्त करने के लिए खर्च हो रहे हैं। डॉ. निशंक ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय बच्चों को वहीं गुणवत्तापूर्ण उच्च स्तरीय शिक्षा देश में ही प्रदान की जाएगी और नई शिक्षा नीति सर्वश्रेष्ठ भारत का आधार बनेगी। अंत में मेजबान यूनिवर्सिटी के चांसलर सतनाम सिंह संधू ने कहा कि हमें उम्मीद है कि यह कार्यक्रम भारत को स्थानीय मूल्यों और पारंपरिक ज्ञान में डूबे हुए वैश्विक परिप्रेक्ष्य निर्मित करने के लिए एक रोल मॉडल के रूप में मदद करेगा।
श्री गुुरु नानक देव पर लिखित पुस्तक का विमोचन
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक की ओर से लिखित श्री गुरु नानक देव जी को समर्पित पुस्तक का विमोचन किया गया। इस पुस्तक में लिखे गए विषयों पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में स्थापित की गई गुरु नानक चेयर में रिसर्च और अनुसंधान किया जाएगा।