प्रबंधन कर्मचारियों के बच्चों को मुफ्त में शिक्षा भी देगा
संवाद न्यूज एजेंसी
डेराबस्सी। सुखमनी ग्रुप के 15 कर्मचारियों का छह महीने से चला आ रहा संघर्ष आखिरकार समझौते के साथ खत्म हो गया है। प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच लिखित समझौता हुआ है। इसके तहत कर्मचारियों को 60 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा और उनके बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। कर्मचारियों को करीब छह महीने पहले सुखमनी स्कूल से नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन लखोवाल, जम्हूरी किसान सभा और विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने उनकी बहाली के लिए संघर्ष शुरू किया। संगठनों का आरोप था कि प्रबंधन बातचीत से समाधान नहीं कर रहा था। भारतीय किसान यूनियन लखोवाल की डेराबस्सी इकाई ने दो सप्ताह से सुखमनी ग्रुप के गेट के बाहर पक्का मोर्चा लगा रखा था। धरने के दौरान कर्मचारियों के लिए रहने और लंगर की व्यवस्था भी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डेराबस्सी के एसडीएम ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई। समझौते के बाद कर्मचारियों ने एसडीएम, किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों और प्रेस का धन्यवाद किया। लिखित समझौते के अनुसार, 15 कर्मचारियों को नौकरी के बदले कुल 60 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, उनके बच्चों को सुखमनी ग्रुप के स्कूल में मुफ्त शिक्षा मिलेगी। यह समझौता छह महीने के लंबे संघर्ष के बाद हुआ है। इसमें विभिन्न किसान और ट्रेड यूनियनों का सहयोग रहा।
संघर्ष में शामिल प्रमुख लोग
इस संघर्ष में भारतीय किसान यूनियन लखोवाल के प्रदेश उपाध्यक्ष मनप्रीत सिंह अमलाला शामिल थे। जम्हूरी किसान सभा के गुरबिंदर सिंह चौंदहेड़ी और पंजाब एटक के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद चुघ भी मौजूद रहे। सुखमनी स्कूल की ओर से कंवलजीत सिंह, बलजीत सिंह, मनदीप सिंह, सरबण सिंह और हरबंस कौर ने आभार जताया। अन्य कई किसान और ट्रेड यूनियन नेता भी इस मौके पर उपस्थित थे।