पुडा मुलाजिमों की भूख हड़ताल सोमवार को 133वें दिन में प्रवेश कर गई। इस दौरान मुलाजिमों ने काली झंडियां लेकर पूरे शहर में रोष मार्च निकाला। वहीं, गुरदेव सिंह व अमरजीत सिंह भूख हड़ताल पर बैठे। इसके बाद मुलाजिमों ने एक आपात मीटिंग की। इसमें तय किया गया है कि गमाडा की ओर से भविष्य में की जाने वाली नीलामी व विभिन्न प्रोजेक्टों के ड्रॉ का मुलाजिम बायकॉट करेंगे।
पुडा तालमेल संघर्ष कमेटी के कन्वीनर बलजिंदर सिंह बिल्ला ने बताया कि 26 जनवरी, 2016 को पुडा तालमेल संघर्ष कमेटी के मेंबर शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा से मिले थे। इसके बाद 17 फरवरी, 2016 को मुलाजिमों ने पुडा के चेयरमैन कम मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। सीएम ने प्रिंसिपल सचिव एसके संधू से कहा था कि जल्द ही उनकी मीटिंग करवाई जाए। साथ ही मामले को हल किया जाए।
23 फरवरी, 2016 को अकाली दल के हलका इंचार्ज हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा ने पुडा भवन में आकर मुलाजिमों को आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों को जल्द पूरा करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके बाद भी काफी समय बीच चुका है, लेकिन अब तक कोई भी बात सिरे नहीं चढ़ पाई है। ऐसे में उन्होंने तीखे संघर्ष का फैसला लिया है। ऐसे में किसी भी मुलाजिमों को कोई नुकसान होता है तो इसके लिए पुडा के मुख्य प्रशासक जिम्मेदार होंगे।
इस मौके पर परगट सिंह विर्क, बलबीर मसीह, मनजीत सिंह, शमशेर सिंह, हरकेश सिंह, हरि सिंह, चरनजीत कौर, परमिंदर कौर, ऊमा जोशी, वीर चंद, कुलदीप सिंह, नराता राम, शाम सिंह, परमजीत सिंह, भाग सिंह मौजूद थे।