खरड़। पंजाब सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर करोड़ों रुपये प्रचार के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं लेकिन सरकारी अस्पताल खरड़ की स्थिति कुछ अलग है। मरीजों को कंधों पर उठाकर इमरजेंसी तक ले जाना पड़ता है। अस्पताल में स्ट्रेचर मरीजों की सुविधा के लिए उपयोग में लाए जाते हैं परंतु यहां स्ट्रेचर दवाइयों समेत अन्य सामान ढोने के लिए उपयोग में लाए जा रहे हैं। लाखों लोगों की सुविधा के लिए बनाया गया खरड़ का सरकारी अस्पताल आज चिंता का कारण बन गया है। सरकारी अस्पताल खरड़ में एसएमओ की कुर्सी खाली पड़ी है, हालांकि अस्थायी तौर पर एक डॉक्टर द्वारा यह ड्यूटी निभाई जा रही है।
स्ट्रेचरों और व्हीलचेयर की कोई कमी नहीं
अस्पताल में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर की कोई कमी नहीं है। दवाइयां ढोने के लिए विशेष ट्रॉली बनवाई गई है। स्ट्रेचरों पर दवाइयां ले जाने की बात सच्चाई से दूर है। मरीजों को कंधे पर उठा कर अस्पताल के अंदर ले जाने की बात उनकी समझ से परे है। अगर ऐसा कुछ हुआ है तो उसकी जांच की जाएगी।- डॉ. राहुल भल्ला, कार्यकारी सीनियर मेडिकल अफसर