जीरकपुर। नगर परिषद क्षेत्र के 720 लावारिस कुत्तों की नसबंदी होने के बाद अब दो हजार कुत्तों की नसबंदी की जाएगी। इसके लिए नगर परिषद ने 33 लाख रुपये का बजट पास कर दिया है। जिस भी कंपनी को यह टेंडर अलाॅट किया जाएगा, उसको एक साल में यह काम पूरा करना होगा।शहर के लोग लावारिस कुत्तों के आतंक से बहुत परेशान हैं। कुत्तों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। इनके काटने के मामले भी कम होने का नाम नहीं ले रहे। इनकी संख्या पर काबू पाने के लिए नगर परिषद ने इनकी नसबंदी का काम करीब चार माह पहले शुरू करवाया था, लेकिन 720 कुत्तों की नसबंदी करने के बाद एक बार फिर से यह काम बंद हो गया था।
लावारिस कुत्तों की नसबंदी करने के लिए वर्ष 2024 में जीरकपुर के पभात क्षेत्र में अस्पताल बनाया गया था। तकनीकी कारणों के चलते उस समय इसको शुरू नहीं किया गया। करीब चार माह पहले 720 कुत्तों की नसबंदी को मंजूरी मिली। इसके बाद नसबंदी का काम शुरू हुआ। पिछले हफ्ते यह काम पूरा हो गया। नगर परिषद के अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि कावा संस्था ने कुत्तों की नसबंदी पूरी की या नहीं। हालांकि संस्था ने नगर परिषद में इस संबंध में सारी फोटो सहित पूरे दस्तावेज जमा भी करवा दिए हैं।
दो हजार कुत्तों की नसबंदी की डिप्टी कमिश्नर से मंजूरी मिलने के बाद नगर परिषद ने 33 लाख रुपये का बजट पास कर दिया है। अधिकारियों से मंजूरी मिलते ही तुरंत इसका टेंडर लगाकर काम अलॉट कर दिया जाएगा। इसके साथ ही कुत्तों की नसबंदी का काम शुरू कर दिया जाएगा। इस काम को पूरा करने के लिए एक वर्ष का समय दिया जाएगा। -रंजीत कुमार, सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद, जीरकपुर