मोहाली। सेक्टर-67 नाइपर में मेडिकल डिवाइस विभाग की ओर से भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम में दो सप्ताह के अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम एनेबलिंग मेडिकल डिवाइसेज पॉलिसीज इन द ग्लोबल साउथ का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम 22 मई तक नाइपर के कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन नाइपर के निदेशक प्रो दुलाल पांडा ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, विशेषज्ञ और विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रो. दुलाल पांडा ने कहा कि आईटीईसी कार्यक्रम भारत सरकार की प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य वैश्विक क्षमता निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना है।
उन्होंने वसुधैव कुटुंबकम की भावना का उल्लेख कर कहा कि भारत लंबे समय से वैश्विक साझेदारी और ज्ञान साझा करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच दशकों में भारत विभिन्न क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के तहत दुनिया भर के 2.25 लाख से अधिक पेशेवरों को प्रशिक्षण दे चुका है। साथ ही उन्होंने मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में तेजी से बदलते नियामक ढांचे और नीतिगत व्यवस्थाओं पर भी प्रकाश डाला। इस दौरान प्रो इंदरपाल सिंह ने कहा कि आईटीईसी कार्यक्रम शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब नाइपर मोहाली में मेडिकल डिवाइस विषय पर विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। वहीं प्रो तरून शर्मा ने 12 दिवसीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की और इसके बहु-विषयक स्वरूप की जानकारी दी।