जीरकपुर। हरियाणा के एसपी सुरिंदर पाल सिंह (आईपीएस) पर नगर काउंसिल जीरकपुर के ईओ संदीप तिवाड़ी इन दिनों मेहरबान हैं। हैरानी की बात तो यह है कि सोसायटी की मैनेजमेंट ने ईओ को 17 मई को एसपी की ओर से पार्क नंबर -2 में कैबिन बनाकर पक्के तौर पर कब्जा करने की शिकायत दी थी, लेकिन 14 दिन बीत जाने के बाद भी मैनेजमेंट की शिकायत पर ईओ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सिल्वर सिटी सोसायटी में सुरिंदर पाल सिंह (आईपीएस) की कोठी है। उनकी कोठी नंबर-104 के ठीक सामने ग्रीन पार्क (सरकारी पार्क) है। जहां एसपी सुरिंदर पाल सिंह ने पक्का फर्श डालकर उस पर अपनी गार्द के लिए कैबिन खड़ा कर दिया। धीरे-धीरे इस कैबिन में बिजली व बाथरूम जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाकर इसे एक कमरे नुमा आकार दे दिया गया है। सुरिंदर पाल सिंह इन दिनों कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में बतौर एसपी पोस्टेड हैं। सोसायटी की मैनेजमेंट (सिल्वर सिटी इंफ्रा मेंटेनेंस) में शामिल प्रधान कैलाश रमोला व उनके अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि एसपी सुरिंदर पाल की ओर से जब पक्के तौर पर किए गए कब्जे के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई और वह एसपी सुरिंदर पाल सिंह से बात करने पहुंचे तो वह सोसायटी की मैनेजमेंट की बात सुनने के लिए घर से बाहर नहीं आए। वहीं, सिल्वर सिटी की मैनेजमेंट ने सोसायटी में रहने वाले पंजाब के रिटायर्ड डीआईजी पर भी एक सड़क पर टेंट लगाकर कब्जा करने के आरोप लगाए हैं। उनके खिलाफ भी ईओ को मैनेजमेंट की ओर से लिखित शिकायत दी गई है, लेकिन वह शिकायत भी ठंडे बस्ते में है।
कोट्स
पार्क में किसने कब्जा किया है मुझे नहीं पता, मेरा उससे कोई लेना देना नहीं है।
-सुरिंदर पाल सिंह, एसपी (हरियाणा)
कोट्स
सड़क पर कब्जा करने जैसी कोई बात नहीं है। मेरे पिता जी पंजाब के रिटायर्ड डीआईजी है। जिस कोठी के सामने टेंट लगाया गया है वह हमारे अच्छे जानकार है और उन्हें कोई ऑब्जेक्शन नहीं है। वैसे भी उस सड़क के आगे रास्ता बंद है वहां कोई आता जाता नहीं है।
-के.डी पांडे, रिटायर्ड डीआईजी का बेटा
कोट्
मामला मेरे ध्यान में हैं, मैं कल को अधिकारी भेजकर मामले की जांच करवा लेता हूं।
-संदीप तिवाड़ी, ईओ, नगर काउंसिल