मोहाली। युवा सोशल मीडिया पर वायरल ''एज रिवर्सल'' ट्रेंड के कारण अपनी सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। 30 की उम्र में 20 साल जैसा दिखने की चाहत में वे बायोहैकिंग, डिटॉक्स प्लान और सख्त डाइट जैसे प्रयोग कर रहे हैं। विशेषज्ञों ने इन बिना सलाह वाले प्रयोगों से स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान होने की चेतावनी दी है।
कई युवा जल्दी वजन कम करने और जवां दिखने के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के सप्लीमेंट्स लेना शुरू कर देते हैं। वे भोजन की मात्रा भी जरूरत से ज्यादा कम कर देते हैं। एम्स मोहाली की डाइटिशियन आभा आनंद के अनुसार, ओपीडी में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं। इनमें क्रैश डाइटिंग, इंटरमिटेंट फास्टिंग और प्रोटीन सप्लीमेंट्स का असर दिख रहा है। आभा आनंद ने कहा कि सोशल मीडिया पर हर हेल्थ ट्रेंड सुरक्षित या वैज्ञानिक नहीं होता। उन्होंने संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन, मौसमी फल-सब्जियां, पानी और अच्छी नींद को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की सलाह दी। युवाओं को अपनी जरूरत के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
गलत प्रयोगों से बिगड़ी सेहत
एक 34 वर्षीय कारोबारी ने सोशल मीडिया पर एंटी-एजिंग वीडियो देखकर सप्लीमेंट्स लेना शुरू किया। कुछ समय बाद उसे थकान, नींद में परेशानी और मूड में बदलाव जैसी समस्याएं हुईं। जांच में हार्मोन असंतुलन का पता चला। विशेषज्ञों ने बिना चिकित्सकीय सलाह के सप्लीमेंट्स से बचने को कहा।
सख्त डाइट के गंभीर परिणाम
एक 39 वर्षीय महिला प्रोफेशनल ने कम उम्र का दिखने के लिए सख्त डाइट अपनाई। उसने कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें लगभग बंद कर दीं। शुरुआत में वजन कम हुआ, पर बाद में कमजोरी, बाल झड़ने और पोषण की कमी सामने आई। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक सीमित डाइट से शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते।