जीरकपुर। नगर परिषद के स्वच्छता विभाग में प्रमुख का पद लंबे समय से खाली है। इस कारण शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगने से नागरिकों को दुर्गंध और बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था फिलहाल निरीक्षकों के भरोसे चल रही है। ये निरीक्षक योजनाएं तो बनाते हैं, लेकिन उन्हें लागू करने में लंबी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ता है। योजनाओं के समय पर लागू न होने से कूड़े की समस्या विकराल रूप ले रही है।
शहर का दायरा और आबादी लगातार बढ़ रही है, जिससे सफाई व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। कूड़ा उठाने, डंपिंग स्थलों की व्यवस्था और सफाई कर्मचारियों की निगरानी पर इसका सीधा असर दिख रहा है। कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो रही और कूड़ा उठाने में देरी हो रही है। पीरमुछल्ला स्थित डंपिंग स्थल पर कूड़े के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध और गंदगी से जूझना पड़ रहा है।
सैनिटेशन विभाग में प्रमुख की नियुक्ति न होने पर ये कहा पार्षदों ने। सैनिटेशन विभाग में प्रमुख का पद लंबे समय से खाली पड़ा है। अधिकारी की कमी का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। पीरमुछल्ला समेत कई इलाकों में कूड़े के ढेर बढ़ रहे हैं, लेकिन शिकायतों के स्थायी समाधान के लिए जिम्मेदार अधिकारी नहीं है। सरकार को इस पद पर जल्द नियुक्ति करनी चाहिए, ताकि सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। -गुरसेवक सिंह पुनिया, पार्षद, पीरमुछल्ला।
जीरकपुर की आबादी तेजी से बढ़ रही है और उसी अनुपात में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। ऐसे में सैनिटेशन विभाग में प्रमुख का पद खाली रहना गंभीर मामला है। केवल निरीक्षकों के सहारे पूरे शहर की सफाई व्यवस्था नहीं संभाली जा सकती। विभाग में सक्षम अधिकारी की नियुक्ति होने से सफाई व्यवस्था की बेहतर निगरानी और कूड़े की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा। -सुखवीर सिंह लवली, पार्षद, ढकोली।
सैनिटेशन विभाग में प्रमुख की नियुक्ति न होने के मामले में विभाग के आला अधिकारियों को पहले ही अवगत करवा दिया गया है, जिनकी ओर से जल्द ही इस संबंध में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। - परविंदर सिंह भट्टी, ईओ, नगर परिषद जीरकपुर।