मोहाली। सीबीआई अदालत की स्पेशल जज मेघा धालीवाल की अदालत ने पंजाब पुलिस के 2020 में तत्कालीन आईजी समेत छह लोगों को अपहरण और मारपीट के मामले में सजा सुनाई है।
आईजी गौतम चीमा (अब एडीजीपी), अजय चौधरी, रश्मी नेगी, वरूण उतरेजा, विक्की वर्मा और आर्यन सिंह को धारा 225 में आठ महीने की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना, धारा 186 और 120 में 3-3 महीने की कैद 1500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
गौतम चीमा के वकील तरमिंदर सिंह ने बताया कि सीबीआई अदालत ने गौतम चीमा व अन्य को धारा 365, 323, 506, 452 में सीबीआई ने पुख्ता सबूत न होने के चलते बरी कर दिया। आईजी गौतम चीमा सहित सभी की इस अदालत ने जमानत याचिका मंजूर कर ली है और वह जल्द इस सजा के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील दायर करेंगे।
जानकारी के अनुसार थाना फेज-1 में गौतम चीमा और पुलिस कस्टडी में आरोपी सुमेध गुलाटी का अपहरण करने का मामला दर्ज है। चीमा पर आरोप है कि वह 26 अगस्त को शराब के नशे में धुत होकर थाने में आया और सुमेध गुलाटी को जबर्दस्ती अपने साथ ले गया। दूसरा मामला थाना मटौर में दर्ज है। इस केस में सेक्टर-70 की एक महिला ने आरोप लगाया था कि 20 मार्च की रात आईजी चीमा, अजय चौधरी और उनकी महिला दोस्त नशे में धुत होकर उनके घर आए और उसके साथ सबके सामने छेड़छाड़ की। बाद में यह मामला हाईकोर्ट में चला गया और पीड़ित की पिटीशन पर उक्त मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।
सीबीआई की ओर से गौतम चीमा और उसके जानकारों के खिलाफ केस दर्ज करके मोहाली स्थित सीबीआई अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। यह मामला सीबीआई कोर्ट में विचाराधीन था, जिस पर सुनवाई करते हुए सीबीआई ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है।