मोहाली। बेरोजगार पीटीआई 646 अध्यापक यूनियन के बैनर तले प्रदर्शन कर रही सिप्पी शर्मा और उसकी साथी वीरपाल कौर ने इस बार भी करवाचौथ का व्रत टंकी पर ही मनाया। सिप्पी शर्मा ने सरगी के समय भी पंजाब के मुख्यमंत्री को अपील की कि वह लगातार दूसरा करवाचौथ पानी की टंकी पर चढ़े हुए मना रही हैं, लेकिन उसके बाद भी सरकार के किसी भी प्रतिनिधि ने उन्हें कोई सहानुभूति नहीं दी।
यूनियन के प्रधान गुरलाभ सिंह ने बताया कि आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सिप्पी शर्मा को छोटी बहन कहते हुए पानी की टंकी से नीचे उतारा था। साथ ही यह आश्वासन दिया गया था कि उनकी सरकार बनते ही शिक्षकों की समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा लेकिन इतने लंबे समय के बाद भी पीटीआई शिक्षक बेरोजगार हैं। हमारी दो महिला साथी पिछले नौ दिनों से पानी की टंकी पर चढ़कर रोष प्रदर्शन कर रही है लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से कोई रहमदिली नहीं दिखाई गई है।
सिप्पी का दूसरा और वीरपाल कौर का 16वां करवाचौथ टंकी पर
सिप्पी शर्मा ने पिछले साल बारिश के बावजूद टंकी पर ही व्रत रखा था। इस बार लगातार दूसरे साल उन्होंने टंकी पर व्रत रखा। वहीं वीरपाल कौर का यह 16वां करवाचौथ है जो वह पानी की टंकी पर मनाएगी।
ढींडसा ने धरने पर आकर दिया समर्थन
बेरोजगार पीटीआई शिक्षकों के नौ दिनों से चल रहे धरना प्रदर्शन को समर्थन देने शिरोमणि अकाली दल से पूर्व विधायक परमिंदर सिंह ढींडसा पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह उनके साथ हैं। यह भी कहा कि यह वही सरकार है जिसने बेरोजगार शिक्षकों को अपना भाई-बहन कहते हुए धरना समाप्त करवाया था। आज वही सरकार अपने वादों से पीछे हटती नजर आ रही है। साथ ही आप सरकार ने यहां तक कहा गया है कि अगर धरना प्रदर्शन की जगह पर कोई राजनीतिक नेता आता है तो उनकी मांगों को नहीं सुना जाएगा। इलसे यह साबित होता है आम आदमी पार्टी की सरकार लोकतंत्र में यकीन नहीं करती है। वहीं वह एक झूठे वादे करने वाली सरकार है।